Holi 2025 in Pakistan: पाकिस्तान में होली को लेकर बवाल मच गया है। सिंध प्रांत के कराची शहर में स्थित एक प्रमुख निजी यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में होली का त्योहार मनाने पर हिंदू छात्रों को कारण बताओ नोटिस किया है। इसको लेकर यूनिवर्सिटी को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। दाऊद यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रशासन ने आरोप लगाया कि इन छात्रों ने अपने उत्सव के दौरान राज्य विरोधी नारे लगाए। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देशव्यापी बहस छिड़ गई है।
पूर्व सांसद लाल मल्ही ने सोशल मीडिया पर दाऊद यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की तरफ से छात्रों को जारी नोटिस X पर पोस्ट किया, जिनमें से अधिकतर हिंदू थे। विवाद बढ़ने के बाद संस्थान ने दावा किया है कि यह एक पुराना मामला है। उसने छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबरों को खारिज कर दिया।
एक अधिकारी ने कहा, "छात्रों को प्रशासन से मंजूरी लिए बिना कैंपस में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जो यूनिवर्सिटी के नियमों का उल्लंघन है।" उन्होंने कहा, "छात्रों ने पहले ही नोटिस का जवाब दे दिया है।"
लाल मल्ही ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बढ़ते विरोध पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल किया, "क्या होली मनाना अब अपराध बन गया है? क्या यूनिवर्सिटी में होली मनाना देश के खिलाफ कार्य माना जाता है?"
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि छात्रों के खिलाफ कई FIR दर्ज की गई हैं। उसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देशव्यापी बहस भी छिड़ गई है। पूर्व नेशनल असेंबली सदस्य लाल मल्ही ने यूनिवर्सिटी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। मल्ही ने यूनिवर्सिटी की कार्रवाई की खुलकर आलोचना की है। उनके बयान ने कई नेटिजन्स को प्रभावित किया। फिर उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक धार्मिक प्रथाओं के बढ़ते अपराधीकरण पर चिंता व्यक्त की।
यूनिवर्सिटी कैंपस में होली समारोह का वायरल वीडियो और प्रशासन की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस ने बहस को और हवा दे दी है। आलोचकों का तर्क है कि ये आरोप पाकिस्तान में प्रताणना का सामना कर रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों के हाशिए पर जाने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करते हैं। पाकिस्तान की आबादी का एक छोटा प्रतिशत होने के बावजूद हिंदू समुदाय लंबे समय से उपेक्षा और सामाजिक बहिष्कार का शिकार रहा है।
पाकिस्तान के ग्रामीण इलाकों में हिंदू गरीबी और बुनियादी स्वास्थ्य सेवा की कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। शहरों में उन्हें सीमित रोजगार के अवसर और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। देश का कानूनी ढांचा अल्पसंख्यकों को बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है।
पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा आम बात है। दिसंबर 2024 में संबंधित नोट पर राजेंद्र मेघवार पाकिस्तान की पुलिस सेवा (PSP) में पाकिस्तान के पहले हिंदू पुलिस अधिकारी बने।