इस तेज तर्रार IAS को मिली है महाकुंभ 2025 की जिम्मेदारी, DM बनने से पहले रहे हैं चार्टर्ड अकाउंटेंट

महाकुंभ में मकर संक्रांति के दिन पहला अमृत स्न्नान विधिपूर्वक हो चुका। सरकार ने महाकुंभ की तैयारियों का जिम्मा आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद को सौंपा है। IAS विजय किरण आनंद ने सरकार की मंशा के अनुरूप महाकुंभ का भव्य अरेंजमेंट भी किया है

अपडेटेड Jan 14, 2025 पर 8:57 PM
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इस तेज तर्रार IAS को मिली है महाकुंभ 2025 की जिम्मेदारी?

Mahakumbh 2025 : प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में आस्था का मेला लग चुका है और सिर्फ दो दिनों में ही इस महापर्व में करोड़ों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। मंगलवार को कुंभ के आगाज के साथ ही एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने डुबकी लगाई तो वहीं दूसरे दिन यानी मकर संक्राति को संगम में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा दो करोड़ को पार कर गया। 13 जनवरी से शुरू हुआ महापर्व 26 फरवरी तक चलेगा। वहीं इस बार महाकुंभ की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद को दी गई है, जिनके नेतृत्व में भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के लिए दिन रात काम किया जा रहा है।

कौन हैं  विजय किरण आनंद

बता दें कि विजय किरण आनंद 2009 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। बेंगलुरु में जन्मे विजय किरण आनंद ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की डिग्री भी हासिल की है। विजय किरण आनंद की शुरुआती पोस्टिंग बागपत जिले में एसडीएम के पद पर हुई थी, जहां उन्होंने दो साल तक काम किया। इसके बाद उनका तबादला बाराबंकी जिले में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर हुआ। विजय किरण आनंद मैनपुरी, उन्नाव, फिरोजाबाद, वाराणसी और शाहजहांपुर में जिलाधिकारी के पद पर रह चुके हैं। वर्ष 2017 और 2019 में उन्होंने क्रमशः माघ मेला और अर्धकुंभ मेला के लिए अधिकारी के रूप में कार्य किया।


पीएम मोदी कर चुके हैं सम्मानित

विजय किरण आनंद के व्यापक अनुभव के कारण ही उन्हें 2024 में होने वाले आयोजन के लिए मेला अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। गोरखपुर के डीएम के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पीएम पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया था। सिविल सेवा दिवस पर पीएम मोदी ने उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

पूरा हुआ पहला अमृत स्न्नान

बता दें कि महाकुंभ में मकर संक्रांति के दिन पहला अमृत स्न्नान विधिपूर्वक हो चुका। इसके बाद अब महाकुंभ में दूसरा अमृत स्नान किया जाएगा। अखाड़े के संतों का अमृत स्नान मंगलवार सुबह शुरू हुआ। सुबह 10 बजे तक, मेला प्रशासन ने बताया कि 1.38 करोड़ श्रद्धालु पहले ही गंगा और संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके थे। अखाड़ों के अमृत स्नान में सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़े के संतों ने हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए संगम पर अमृत स्नान किया। अमृत ​​स्नान के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर चेतन गिरी जी महाराज ने बताया, ''प्रयागराज में हर 12 साल में पूर्ण कुंभ होता है और 12 पूर्ण कुंभ के बाद 144 साल बाद यह महाकुंभ आता है। बहुत भाग्यशाली लोगों को महाकुंभ में स्नान करने का अवसर मिलता है।”

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