देश आज 15 अगस्त को अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराया। इसके बाद उन्होंने देशवासियों को संबोधित किया। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लाल किले की प्राचीर से सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का अवसर मिला था। पीएम मोदी साल 2014 से लाल किले से तिरंगा फहरा रहे हैं। इस बार साल 2024 में पीएम मोदी का लाल किले से सबसे लंबा भाषण रहा है। करीब 97 मिनट तक उन्होंने देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने लंबा भाषण देने के मामले में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
पिछले साल पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर से 90 मिनट तक भाषण दिया था। 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा था। इस साल उन्होंने 97 मिनट का भाषण दिया।
किस साल कितनी देर तक पीएम मोदी ने दिया भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक कुल 11 बार लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद साल 2014 में पहली बार लाल किले से देशवासियों को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने 65 मिनट तक भाषण दिया था। इसके बाद साल 2015 में 86 मिनट तक देश को संबोधित किया। देश जब आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा था, उस दौरान पीएम मोदी ने देश को लाल किले से 94 मिनट तक संबोधित किया। यह उनके प्रधानमंत्री के रूप में रहने के दौरान लाल किले से दिया गया सबसे लंबा भाषण था। अब यह रिकॉर्ड टूट गया है।
साल 2017 में दिया सबसे छोटा भाषण
पीएम मोदी ने सिर्फ एक बार देश को एक घंटे से कम समय के लिए संबोधित किया। 2017 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण सिर्फ 56 मिनट का था। ये उनका अब तक का सबसे छोटा भाषण है। साल 2018 में 82 मिनट और 2019 में 92 मिनट तक देश को संबोधित किया। इसके बाद 2020 में 86 मिनट, 2021 में 88 मिनट, 2022 में 83 मिनट और 2023 में 90 मिनट तक पीएम मोदी ने लाल किले से भाषण दिया।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड टूटा
मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल के पहले संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पीछे छोड़ दिया है। मनमोहन सिंह ने साल 2004 से 2014 के दौरान लाल किले की प्राचीर से 10 बार तिरंगा फहराया था। इस मामले में मोदी पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। नेहरू को यह सम्मान 17 बार और इंदिरा को 16 बार मिला था।