भारत का सबसे पढ़ा-लिखा गांव, जहां के 80 प्रतिशत घरों से लगभग एक आदमी सरकारी अफसर

Asia Famous Village: अलीगढ़ वैसे तो अपने ताला बनाने की इंडस्ट्री और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए फेमस है। लेकिन अब इसका ये खास गांव हर तरफ खबरों में छाया हुआ है। 2002 में इस गांव को एशिया सबसे शिक्षित गांव होने की वजह से लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था। इस गांव ने देश को कई वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर और IAS ऑफिसर्स दिए हैं।

अपडेटेड Jul 09, 2023 पर 5:33 PM
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2002 में इस गांव को एशिया सबसे शिक्षित गांव होने की वजह से लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था।

Asia most Literate Village: भारत पूरी दुनिया में अपने कल्चर, खान-पान और लोगों के लिए फेमस है। हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स ने भारत के एक ऐसे गांव का जिक्र किया है जो पूरे एशिया का सबसे शिक्षित गांव है। इस गांव का नाम है धौर्रा माफी जोकि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में है। अलीगढ़ वैसे तो अपने ताला बनाने की इंडस्ट्री और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए फेमस है। लेकिन अब इसका ये खास गांव हर तरफ खबरों में छाया हुआ है।

गांव में हर कोई है महान

2002 में इस गांव को एशिया सबसे शिक्षित गांव होने की वजह से लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गांव ने देश को कई वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर और IAS ऑफिसर्स दिए हैं। इस गांव का लिट्रेसी रेट 75 प्रतिशत है। ढोरा माफी देश का सबसे विकसित गांव है। इस गांव में 24  घंटे पानी और बिजली रहता है। इस गांव की आबादी लगभग 10,000 से लेकर 11,000 लोग है।

गांव का हर घर सुविधाओं से भरा

इस गांव के घरों में सबसे ज्यादा सरकारी अफसर रहते हैं। हर घर से कोई ना कोई केंद्र सरकार के विभागों में या किसी बड़ी पोस्ट पर काम करता है। ये गांव अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बेहद करीब है जो इस गांव की उच्च शिक्षा का जरिया है। इस गांव के निवासी फैज मुस्तफा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, वहीं डॉक्टर शादाब बानो AMU में प्रोफेसर और डॉक्टर नाइमा गुर्रेज भी इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं। IAS डॉक्टर सिराज भी इसी गांव से संबंध रखते हैं।

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लोगों ने पढ़ाई को बनाया  कमाई का जरिया

इस गांव के लोग अपने जीवन यापन के लिए एग्रीकल्चर की जगह शिक्षा पर निर्भर करते हैं। डॉक्टर नूरुल आमिन गांव के हेड हैं। इस गांव में अलग-अलग समुदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के भाईचारे के साथ सालों से रह रहे हैं। इस गांव में एक सरकार प्राइमरी स्कूल के अलावा इकरा पब्लिक स्कूल, MU कॉलेज और मूनलाइट स्कूल भी है।

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