भारत में वैसे तो ज्यादातर रेलवे लाइनें अंग्रेजों के समय में बिछाई गई थीं। लेकिन कोंकण रेलवे एक ऐसा रेलवे रूट है। जिसे आजाद भारत में बिछाया गया है। अनगिनत चुनौतियों के बावजूद भी इसे भारतीय इंजीनियरों ने अपने कौशल से संभव कर दिखाया। आज यह सिर्फ ट्रांसपोर्ट का एक रूट नहीं, बल्कि एक अच्छा सैलानियों को भी अपनी ओर खींच रहा है। कोंकण रेलवे डिवीजन से जैसे ही ट्रेन गुजरती है। प्राकृतिक नजारा देखकर दिल खुश हो जाएगा। इसे कई फिल्मों में देखा जाता है। इसमें एक जगह पर ट्रेन झरने के नीचे से गुजरती है। यात्री इन फुहारों का मजा ले सकते हैं।
दरअसल, कोंकण रेलवे डिवीजन को देश के सबसे खूबसूरत रेलवे सफर के लिए जाना जाता है। एक जगह ट्रेन झरने के नीचे से गुजरती है। जिसमें यात्री इस झरने का आनंद ले सकते हैं। कोंकण रेलवे क्षेत्र में ट्रेन भी ऊंचे पहाड़ों से गुजरती है। कभी-कभी लंबी सुरंगों से गुजरती है।
‘तू किसी रेल सी गुजरती है… मैं किसी पुल सा थरथराता हूं…
दरअसल, इंडियन रेलवे ने इस बारे में सोशल मीडिया में एक वीडियो भी शेयर किया था। इस रूट में सफर करने पर आप प्रकृति की सुंदरता को बेहद करीब से महसूस कर सकते हैं। इतना ही नहीं इस सफर में आप दुष्यंत कुमार की लिखी हुई पंक्तियां - ‘तू किसी रेल सी गुजरती है… मैं किसी पुल सा थरथराता हूं…’ जैसी पंक्तियों को भी महसूस कर सकते हैं। मुंबई से गोवा जाने पर इस यात्रा का मजा ले सकते हैं। वीडियो में दिख रहा है कि ट्रेन पुल के ऊपर से गुजर रही है। पुल के उस पार शानदार झरना तेजी से बह रहा है। उस झरने की आवाज इतनी शानदार है कि उसे सुनने के बाद आपके कानों को सुकून मिल जाएगा। खास बात यह है कि उस झरने के बिल्कुल नीचे से होकर ट्रेन गुजर रही है।
मांडवी एक्सप्रेस में करें प्रकृति का दीदार
इंडियन रेलवे की मांडवी एक्सप्रेस अन्य ट्रेनों के मुकाबले कुछ अलग और खास है। यह ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और मडगांव जंक्शन के बीच चलती है। यह गोवा का प्राइमरी रेलवे स्टेशन है। ट्रेन 765 किमी की दूरी को करीब 12-14 घंटे में तय करती है। यह ट्रेन यात्रियों के बीच अपने स्वादिष्ट खाने के लिए भी काफी मशहूर है। मांडवी नदी के नाम पर इस ट्रेन का नाम रखा गया है। इसे गोवा की लाइफ लाइन के रूप में भी जाना जाता है। इस ट्रेन की सीटें काफी आरामदायक हैं। जिस कारण लोगों को यह ट्रेन काफी ज्यादा पसंद आती है।
ऐसे में अगर आप भी इस ट्रेन में यात्रा करना चाहते हैं तो आपको यात्रा से 2-3 महीने पहले से अपनी बुकिंग कर लेनी चाहिए। इसकी वजह ये है कि इस ट्रेन में टिकट मिलना काफी मुश्किल होता है। यह ट्रे्न 49 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। 18 स्टेशनों पर रुकती है।