Indian Railways: न खिड़की न दरवाजा फिर भी फर्राटा भर रही है यह ट्रेन, जानिए ये किस काम आती है

Indian Railways: भारत में एक ऐसी अनोखी ट्रेन चलाई जाती है। जिसमें न तो खिड़की लगी होती है। न ही इसमें दरवाजे लगाए गए हैं। यानी इस ट्रेन के कोच पूरी तरह से पैक रहते हैं। इन ट्रेनों का इस्तेमाल माल ढुलाई के लिए किया जाता है। आइये जानते हैं इन ट्रेनों की खासियत

अपडेटेड Sep 01, 2023 पर 2:55 PM
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Indian Railways: बिना दरवाजे और खिड़की वाले इन कोचों को NMG कोच कहते हैं

Indian Railways: ट्रेन में आप सभी ने कभी ना कभी तो सफर किया ही होगा। लेकिन क्या आपने कभी आपने ऐसी ट्रेन से यात्री की है। जिसकी बोगी में ना तो खिड़की है और ना ही दरवाजे। शायद आपने ऐसी बोगी वाली ट्रेन भी नहीं देखी होगी। बता दें, ऐसी अनोखी ट्रेन रेलवे की तरफ से चलाई जाती है। जिसमें खिड़की दरवाजे कुछ नहीं होते। इन ट्रेनों की डिमांड भी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इस ट्रेन को देखकर आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर इस ट्रेन में ऐसा क्या होता है कि यह पूरी तरह से बंद होती है।

ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसमें खास या खुफिया सामान ले जाया जाता होगा। हालांकि, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यह एक तरह की मालगाड़ी है। इसका इस्तेमाल माल ढुलाई के लिए किया जाता है।

जानिए किसे कहते हैं NMG ट्रेन


जिन ट्रेनों के बारे में हम चर्चा कर रहे हैं। उन्हें NMG यानी New Modified Goods ट्रेन कहते हैं। ये एक तरह की मालगाड़ी होती हैं। NMG ट्रेन बाकी मालगाड़ियों से थोड़ी सी अलग होती हैं। देखने में ये आपको एकदम पैसेंजर ट्रेन की तरह लगेंगी। लेकिन इसके सारे खिड़की-दरवाजे बंद रहते हैं। यात्री ट्रेनों से ही ट्रेन के रैक तैयार होते हैं। एक यात्री कोच को NMG कोच में बदलने के बाद उसे 5 से 10 साल तक और इस्तेमाल किया जाता है। यात्री कोच को NMG कोच में बदलने के लिए कोच को पूरी तरह से सील कर दिया जाता है। अंदर के सभी सीट को खोलकर हटा दिया जाता है। पंखे और लाइट को खोल दिया जाता है। इसके साथ ही इसे और मजबूत बनाने के लिए लोहे की पट्टियों को लगाया जाता है।

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NMG ट्रेनों के क्यों बंद रहते हैं दरवाजे और खिड़कियां

NMG ट्रेनों की एक खास पहचान है, इसमें सभी खिड़की दरवाजे बंद रहते हैं। बता दें, पैसेंजर ट्रेनों के रिटायर कोच के मोडिफिकेशन के बाद ही इन्हें तैयार किया जाता है। इसलिए इनके सभी खिड़की-दरवाजे बंद कर आखिर में दरवाजा लगा दिया जाता है। यहां से सामान को उतारने और चढाने में काफी आसानी रहती है। वहीं बंद खिड़की-दरवाजों वाली ट्रेन में कोई भी व्यक्ति छेड़छाड़ भी नहीं कर सकता है। इन ट्रेनों में मिनी ट्रक और जीप वगैरह को ट्रांसपोर्ट किया जाता है।

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