कनाडा में फूड डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करने वाले एक भारतीय छात्र (Indian student killed In Canada) की कारजैकिंग के दौरान हिंसक हमले के बाद हत्या कर दी गई है। फूड डिलीवरी के रूप में काम करने वाले 24 वर्षीय भारतीय छात्र की कार लूटने की घटना के दौरान हमले में मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक गुरविंदर नाथ (Gurvinder Nath) 9 जुलाई को तड़के करीब 2:10 बजे मिसिसॉगा के ब्रिटानिया और क्रेडिटव्यू पर पिज्जा डिलीवरी कर रहे थे, तभी कुछ संदिग्धों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि नाथ के पहुंचने के बाद उन पर हिंसक हमला किया गया और एक संदिग्ध ने उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद वो लोग इनकी कार लेकर वहां से भाग गए।
घायल अवस्था में नाथ को ट्रॉमा सेंटर ले जाने से पहले कई लोग उनकी मदद के लिए सामने आए और उन्हें अस्पताल ले गए। लेकिन बाद में इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पंजाब के करीमपुर चाहवाला गांव के गुरविंदर नाथ को इस महीने की शुरुआत में खाने का ऑर्डर देने के बहाने ब्रिटानिया रोड और क्रेडिटव्यू, मिसिसॉगा के इलाके में हमलावरों ने बुलाया था। टोरंटो में लॉयलिस्ट कॉलेज के छात्र गुरविंदर के आने पर हमला किया गया और उनका कार लूट लिया गया। 14 जुलाई को एक ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई।
पील क्षेत्रीय पुलिस ने एक बयान में कहा कि कि आशंका है कि पिज्जा का ऑर्डर युवक को एरिया में आने के लिए दिया गया था। वारदात में कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। जांचकर्ताओं को हमले से पहले दिए गए पिज्जा ऑर्डर की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है। पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन की पहचान की है।
पुलिस ने कहा कि एक CCTV फुटेज में काले कपड़े पहने हुए एक व्यक्ति को वाहन से बाहर निकलते देखा गया है। पुलिस ने कहा कि नाथ और हमलावरों के बीच कोई ज्ञात संबंध नहीं है। पील क्षेत्रीय पुलिस के होमिसाइड ब्यूरो के फिल किंग ने कहा कि गुरविंदर की कार घटना स्थल से पांच किलोमीटर से भी कम दूरी पर ओल्ड क्रेडिटव्यू और ओल्ड डेरी रोड के क्षेत्र में छोड़ दी गई थी।
किंग ने कहा कि कार की फोरेंसिक जांच की गई है और कई सबूत बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस अनिश्चित है कि हमले में किसी हथियार का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। गुरविंदर के शव की स्वदेश वापसी के लिए धन जुटाने और अंतिम संस्कार के खर्च में परिवार की मदद करने के लिए एक गोफंडमें फेसबुक पेज बनाया गया है। समुदाय के सदस्यों ने शनिवार को मिसिसॉगा में कैंडल मार्च निकाला।
आयोजक गगनदीप कौर ने फेसपोस्ट पोस्ट में कहा, "गुरविंदर की मौत ने उनके परिवार को तोड़ दिया है और उनका दिल टूट गया है। उन्हें कनाडा भेजने का उनका निर्णय बड़ी आकांक्षाओं से भरा था, उम्मीद थी कि वह एक दिन एक नई और आशाजनक भूमि में पूर्ण रूप से बस जाएंगे। एक मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले गुरविंदर उनकी आशा की किरण थे।"