देश के अत्यधिक अमीर लोग या यूं कहें कि अल्ट्रा रिच अपनी निवेश योग्य संपत्ति यानि कि इनवेस्टेबल वेल्थ किस चीज में लगाते होंगे। अगर आपके दिमाग में भी यह सवाल रहता है तो इसका जवाब मिल गया है। अल्ट्रा रिच अपनी इनवेस्टेबल वेल्थ का 17 प्रतिशत, लग्जरी आइटम्स में लगाते हैं। उनकी पहली प्राथमिकता लग्जरी घड़ियां होती हैं। इसके बाद कलाकृतियों और गहनों का नंबर आता है। नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक ने ‘द वेल्थ रिपोर्ट-2024’ जारी की है। इसमें कहा गया है कि अत्यधिक उच्च नेटवर्थ वाले लोगों (UHNWI) ने अपनी निवेश योग्य संपत्ति का 17 प्रतिशत लग्जरी या पैशन इनवेस्टमेंट्स में लगाया है।
तीन करोड़ डॉलर से अधिक की नेटवर्थ वाले लोग UHNWI की श्रेणी में आते हैं। नाइट फ्रैंक ने कहा कि किसी चीज का मालिकाना हक रखने की खुशी प्रमुख कारण है, जिसकी वजह से UHNWI लग्जरी संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं।
भारतीय UHNWI में लग्जरी घड़ियां निवेश का पसंदीदा विकल्प हैं। इसके बाद कलाकृतियां और ज्वैलरी आते हैं। 'क्लासिक’ कारें चौथे स्थान पर हैं। इसके बाद लग्जरी हैंडबैग, वाइन, दुर्लभ व्हिस्की, फर्नीचर, रंगीन हीरों और सिक्कों का स्थान आता है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर बेहद अमीर लोगों की पसंद लग्जरी घड़ियां और क्लासिक कारें हैं।
दुर्लभ कलेक्टिबल्स की बढ़ रही मांग
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने रिपोर्ट में कहा कि भारत के समृद्ध वर्ग ने लंबे समय से विभिन्न श्रेणियों में संग्रह की जाने वाली चीजों collectibles के प्रति रुचि दिखाई है। घरेलू और वैश्विक दोनों बाजार ऐसी चीजों के लिए काफी अधिक रिटर्न की पेशकश करते हैं। भारत का अति-धनी वर्ग सक्रिय रूप से इस पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में विभिन्न आयु समूहों में दुर्लभ कलेक्टिबल्स की मांग बढ़ रही है। जैसे-जैसे देश में संपत्ति बढ़ती जा रही है, हम इन एसेट क्लास में और निवेश की उम्मीद कर सकते हैं।
भारत में अत्यधिक अमीर व्यक्तियों की संख्या 2023 में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 13,263 हो गई है। 2022 में यह संख्या 12,495 थी। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में बढ़ती समृद्धि के कारण UHNWI की संख्या 2028 तक बढ़कर करीब 20,000 हो जाएगी।