स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और फर्मों के डिपॉजिट में भारी गिरावट आई है। स्विट्जरलैंड के सेंट्रल बैंक के मुताबिक, साल 2023 में इन फंडों में 70 पर्सेंट की गिरावट आई और यह आंकड़ा 1.04 अरब स्विस फ्रैंक (तकरीबन 9,771 करोड़ रुपये) है। यह आंकड़ा पिछले 4 साल में सबसे कम है। स्विस बैंकों में मौजूद भारतीय क्लाइंट्स के फंड में लगातार दूसरे साल गिरावट आई है। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय अब वहां पैसे जमा नहीं कर रहे हैं। जिन लोगों ने जमा कर रखा है, वे भी निकाल रहे हैं और अन्य जगहों पर निवेश कर रहे हैं। साल 2006 में वहां सबसे ज्यादा पैसा जमा था, जो 6.5 अरब स्विस फ्रैंक तक पहुंच गया था।
स्विस बैंकों से भारतीयों का मोहभंग?
रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस बैंकों से भारतीयों का मोहभंग हो गया है। अब वे अपना पैसा बॉन्ड, सिक्योरिटीज और अन्य जगह निवेश कर रहे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में वह धन शामिल नहीं है, जो भारतीयों या एनआरआई ने किसी तीसरे देश या संस्थाओं के माध्यम से स्विस बैंकों में निवेश कर रखा है। स्विस नेशनल बैंक की रिपोर्ट बताती है कि अब स्विस बैंकों में भारतीयों के पैसे 103.98 करोड़ स्विस फ्रैंक रह गए हैं। इनमें बैंक खातों में जमा नकद पैसा 31 करोड़ स्विस फ्रैंक है। 2022 के अंत में यह 39.4 करोड़ स्विस फ्रैंक था।
भारतीयों ने अन्य बैंकों के माध्यम से 42.7 करोड़ स्विस फ्रैंक स्विस बैंकों में जमा कर रखे हैं। एक साल पहले यह 111 करोड़ स्विस फ्रैंक था। ट्रस्ट के माध्यम से जो पैसा यहां के बैंकों में जमा किया गया है, वह सिर्फ एक करोड़ स्विस फ्रैंक रह गया है। साल भर पहले यह 2.4 करोड़ स्विस फ्रैंक था। बॉन्ड, सिक्योरिटीज और अन्य माध्यमों से भारतीयों ने 30.2 करोड़ स्विस फ्रैंक इन्वेस्ट कर रखा है। बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017, 2020 और 2021 को छोड़ दें, तो स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के पैसों में लगातार कमी आ रही है।