इंदौर में भिखारियों को पैसे दिया तो पहुंच जाएंगे जेल, जानिए शहर का नया कानून

Begging Banned from January 1: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को अब भिखारी मुक्त शहर बनाने की पहल तेज हो गई है। शहर में भीख मांगने वालों को पकड़कर आश्रय स्थल भेजा जा रहा है। वहीं अगर भिखारियों को पैसे दिए तो FIR दर्ज हो सकती है। 1 जनवरी 2025 से यह नियम लागू हो जाएगा

अपडेटेड Dec 17, 2024 पर 2:44 PM
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Begging Banned from January 1:इंदौर में संगठनों की मदद से भिखारियों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।

अगर आपने भिखारियों पर दया दिखाई, उन्हें कुछ पैसे दिए तो जेल जाने के लिए तैयार हो जाइये। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 1 जनवरी 2025 से एक नया कानून लागू हो रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने की कोशिश हो रही है। जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति पर पहले ही रोक लगा दी है। यह अभियान 10 शहरों में चलाया जा रहा है। प्रशासन संगठनों के जरिए भिखारियों को छह महीने तक आश्रय और काम दिलाने में मदद करेगा। जिला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि भीख मांगने के खिलाफ जागरूकता अभियान चल रहा है। यह दिसंबर 2024 के अंत तक जारी रहेगा।

बता दें कि इंदौर को भारत का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है। यह शहर अब भिखारी-मुक्त बनने की राह पर है। इसके लिए प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है। 1 जनवरी से, जो भी व्यक्ति भिखारियों को पैसे देगा, उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।

भिखारियों को भेजा जाएगा आश्रय स्थल


मौजूदा समय में इंदौर में भिखारियों की धरपकड़ जारी है। पकड़कर आश्रय स्थल भेजा जा रहा है। जिलाधिकारी सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि भिखारियों को भिक्षा देकर पाप के भागीदार बनें। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही इंदौर में भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि एक बार हमने एक भिखारी के पास 29,000 रुपये बरामद किए थे। एक भिखारी पैसे उधार देता था और ब्याज लेता था। एक गिरोह बच्चों के साथ राजस्थान से यहां भीख मांगने आया था। उन्हें एक होटल से बचाया गया जहां वे रुके हुए थे।

देश के 10 शहर पायलट प्रोजेक्ट में शामिल

केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने की कोशिश हो रही है। इस प्रोजेक्ट में 10 शहरों को किया गया है। जिसमें दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, इंदौर, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना और अहमदाबाद है। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई ऐसे भिखारी हैं, जिनके पक्के मकान हैं। उन्हें भीख मांगना पेशा बना लिया है।

भिखारियों को काम दिलाया जाएगा

मध्य प्रदेश के सामाजिक कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि इंदौर का एक संगठन सरकार के इस प्रयास में मदद के लिए आगे आया है। यह संगठन उन्हें छह महीने तक आश्रय देगा। उन्हें काम दिलाने में मदद करेगा। यह बहुत अच्छी पहल है, लेकिन यह तभी सफल होगी, जब लोग प्रशासन को मदद करेंगे।

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