दिग्गज FMCG कंपनी ITC से जुड़ा एक दिलचस्प मामला सामने आया है। एक कंज्यूमर कोर्ट ने कंपनी को एक कस्टमर को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। दरअसल, कस्टमर ने यह शिकायत की थी कि कंपनी के बिस्कुट ब्रांड सनफीस्ट मेरी लाइट (Sun Feast Marie Light) के पैकेट में उसे एक बिस्कुट कम मिला। कस्टमर ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे पैकेट में केवल 15 बिस्कुट मिले, जबकि उसमें 16 बिस्कुट होने चाहिए थे। इस मामले में कंज्यूमर फोरम ने निर्देश दिया कि कंपनी शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में एक लाख रुपये और मुकदमा खर्च के लिए 10000 रुपये का भुगतान करे।
यह शिकायत चेन्नई निवासी पी दिलीबाबू ने दर्ज कराई थी। अदालत ने 29 अगस्त को शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया और आईटीसी को "अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज" का दोषी पाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिसंबर 2021 में मनाली में रहते हुए शिकायतकर्ता ने एक स्थानीय खुदरा स्टोर से 'सन फीस्ट मैरी लाइट' बिस्कुट के 24 पैकेट खरीदे। उन्होंने दावा किया कि पैकेट में 16 बिस्कुट की जगह केवल 15 बिस्कुट थे। दिलीबाबू ने कहा कि उन्होंने तुरंत स्पष्टीकरण के लिए खुदरा स्टोर और आईटीसी दोनों से संपर्क किया, लेकिन किसी भी पक्ष ने इसका ठीक से जवाब नहीं दिया।
हर दिन 29 लाख की ठगी का आरोप
कंज्यूमर कोर्ट में अपनी शिकायत में दिलीबाबू ने कहा कि प्रत्येक बिस्किट की कीमत 75 पैसे है और आईटीसी हर दिन इन बिस्कुट के लगभग 50 लाख पैकेट बनाती है। उन्होंने आईटीसी पर हर दिन कंज्यूमर्स से 29 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। अपने बचाव में आईटीसी ने तर्क दिया था कि प्रोडक्ट वजन के आधार पर बेचा गया है, न कि बिस्कुट की संख्या के आधार पर। कंपनी ने कहा, इस उदाहरण में प्रोडक्ट का विज्ञापित शुद्ध वजन 76 ग्राम है।
शिकायतकर्ता पी दिलीबाबू ने आरोप लगाया कि पैकेट पर इस बात का उल्लेख था कि इसमें 16 बिस्कुट हैं। हालांकि, इसमें एक बिस्कुट कम निकला। आदेश में कहा गया है, "पहले कंपनी के वकील ने यह तर्क दिया कि प्रोडक्ट केवल वजन के आधार पर बेचा गया था, न कि बिस्कुट की संख्या के आधार पर। ऐसे तर्कों को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि रैपर स्पष्ट रूप से खरीदारों को जानकारी प्रदान करता है। कंज्यूमर्स को केवल बिस्कुट की संख्या के आधार पर उत्पाद खरीदना होगा।’’ मौजूदा मामले में सबसे बड़ा आरोप बिस्कुट की कम संख्या को लेकर ही है।