Jalgaon Violence News: उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक मंत्री की कार के ड्राइवर और स्थानीय लोगों के एक समूह के बीच मामूली विवाद के कारण दो समूहों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इसके बाद आगजनी और तोड़फोड़ भी की गई। हिंसा और आगजनी के बाद जलगांव जिले के हिंसा प्रभावित पलाधी गांव में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मूल विवाद मंगलवार (31 दिसंबर 2024) देर रात पलाधी गांव के कसाईवाड़ा इलाके में हुआ था। लेकिन बुधवार (1 जनवरी 2025) सुबह तक हिंसा की घटनाएं सामने आईं। हालांकि स्थिति अब नियंत्रण में है।
एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि कसाईवाड़ा में राज्य के मंत्री गुलाबराव पाटिल की कार के ड्राइवर और स्थानीय लोगों के एक समूह के बीच उस समय तीखी नोकझोंक हुई, जब चालक ने हॉर्न बजाकर रास्ता देने के लिए कहा। शिवसेना के नेता और जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री पाटिल इस मौके पर मौजूद नहीं थे। लेकिन उनके परिवार का एक सदस्य कार में सवार था।
उन्होंने बताया कि हालांकि बहस मौके पर ही खत्म हो गई, लेकिन बाद में इलाके के कुछ लोग गांव के चौराहे पर गए और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एक और समूह वहां पहुंचा, जिसके बाद झड़पें हुईं। अधिकारी ने बताया कि गांव की कई दुकानें जला दी गईं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने बताया कि गांव में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों, राज्य रिजर्व पुलिस बल और दंगा नियंत्रण पुलिस की टीमों के साथ-साथ दमकल वाहनों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। अधिकारी ने बताया कि आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है।
अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर इलाके में कल यानी 2 जनवरी की सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह घटना उस समय हुई जब मंत्री गुलाबराव पाटिल की पत्नी अपनी कार में पलाधी गांव से गुजर रही थीं। कथित तौर पर गांव के एक व्यक्ति को कार ने टक्कर मार दी। इसके बाद देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई।
भीड़ ने गुलाबराव पाटिल की पत्नी को ले जा रही कार के ड्राइवर पर हमला किया और वाहन में तोड़फोड़ की। यह घटना मंगलवार (31 दिसंबर) रात करीब 11 बजे हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी। एक दर्जन से अधिक दुकानों में आग लगा दी गई और छह वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कविता नेरकर के अनुसार, "स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर जलगांव के पलाधी में कल सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस ने रात भर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पलाधी पुलिस स्टेशन में 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।"
पुलिस ने लोगों से गांव में शांति बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने या उन्हें फैलाने से बचने की अपील की है। जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "एहतियाती उपाय के तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है। स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।" झड़पें मंगलवार रात करीब 9.30 बजे शुरू हुईं।