Kanwar Yatra 2024: इस साल कांवड़ यात्रा कब होगी शुरू? इस दिन होगा शिवलिंग पर जलाभिषेक

Kanwar Yatra 2024 Date: हिंदू धर्म में भोलेबाबा को खुश करने के लिए सावन का महीना बेहद फायदेमंद माना जाता है। सावन में ही कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। जिसमें शिव जी के भक्त कांवड़ में गंगा जल भरकर लाते हैं। सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। हिंदू धर्म में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व माना गया है

अपडेटेड Jul 15, 2024 पर 1:29 PM
Kanwar Yatra 2024 Date: इस साल कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू हो रही है।

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। इस दौरान भक्त उन्हें खुश करने के लिए अलग-अलग तरह से पूजा करते हैं। कोई सावन के महीने में व्रत-उपवास रखता है तो कोई कांवड़ यात्रा के जरिए भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहता है। बता दें कि सावन के महीने में ही कांवड़ यात्रा का आयोजन किआ जाता है। भोलेनाथ के भक्त कांवड़ में गंगाजल भरकर उससे शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

हर साल सावन महीने में लाखों कांवड़िए गंगा नदी से जल लेकर अपने आसपास के मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ लाने वाले भक्तों को कांवड़िया और भोला कहा जाता है। कांवड़िए गंगा जल लेने के लिए पैदल और गाड़ियों से भी यात्रा करते हैं। सावन महीने की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को जल चढ़ाया जाता है।

जानिए कांवड़ यात्रा क्यों की जाती है?


धार्मिक मान्यता है कि सावन माह में कांवड़ लाने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान सावन के महीने में चारों तरफ उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलता है। इस दौरान कांवड़ियां हरिद्वार से गंगाजल लाकर सावन शिवरात्रि पर अपने-अपने शिव मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, सावन मास भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए सबसे शुभ है। ऐसा कहा जाता है कि सावन में भोलेनाथ की पूजा करने से वे जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मुरादें पूरी करते हैं। सावन में कांवड़ यात्रा की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इस दौरान शिव भक्तों में बेहद खास उत्साह देखने को मिलता है।

इस साल कब शुरू होगी कांवड़ यात्रा

इस साल सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 19 अगस्त 2024 को खत्म हो जाएगा। इस बार सावन महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। कांवड़ यात्रा की शुरुआत 22 जुलाई 2024 से होगी। इसकी समाप्ति 2 अगस्त 2024 को सावन शिवरात्रि पर होगी। कावड़ यात्रा एक तीर्थ यात्रा के समान होती है। जिसका लोग पूरे साल भर इंतजार करते हैं।

कांवड़ यात्रा के नियम

कांवड़ यात्रा करने वाले भक्तों को कांवड़िया कहा जाता है। कांवड़ यात्रा पर जाने वाले भक्तों को इस दौरान खास नियमों का पालन करना होता है। इस दौरान भक्तों को पैदल यात्रा करनी होती है। यात्रा के दौरान भक्तों को सात्विक भोजन का सेवन करना होता है। इसके साथ ही आराम करते समय कांवड़ को जमीन पर नहीं रखा जाता है।

Jagannath Temple: क्या सच में जगन्नाथ मंदिर के खजाने की रखवाली कर रहे थे जहरीले सांप? जानें 'रत्न भंडार' में क्या-क्या मिला

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।