रूस और यूक्रेन के बीच पिछले एक महीने से जारी युद्ध के बीच अब उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) अमेरिका से जंग की तैयारी में लग गए हैं। दरअसल, उत्तर कोरिया ने गुरुवार को महाविनाशक इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया। इस मिसाइल ने उत्तर कोरिया के पड़ोसी देशों दक्षिण कोरिया और जापान के साथ-साथ अमेरिका को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
किम जोंग उन की यह बैलिस्टिक मिसाइल अमेरिका को भी निशाना बनाने में सक्षम है। ICBM कई साल में उत्तर कोरिया की ओर से सबसे अहम मिसाइल परीक्षण है। जापानी अधिकारियों ने बताया कि इस मिसाइल ने आसमान में हजारों किमी की उड़ान भरी और एक घंटे से अधिक समय तक आसमान में रहने के बाद यह जापान के जलक्षेत्र में गिर गई।
न्यूज एजेंसी AFP ने उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया का हवाला देते हुए बताया कि किम जोंग उन ने व्यक्तिगत रूप से देश की "नए प्रकार" की इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण का निरीक्षण किया। नई प्रकार की इस मिसाइल का परीक्षण किम के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में तैयार किया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक तरह से इस मिसाइल का प्ररीक्षण कर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को चेतावनी दी है कि उनका देश अमेरिका के साथ लंबे समय के लिए टकराव के अलावा युद्ध के लिए भी तैयार है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई कर रहा है और परमाणु को निरस्त करने को लेकर ठप पड़ी वार्ता के बीच अमेरिका पर रियायतें देने के लिए इसके जरिए दबाव डालना चाहता है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नए प्रकार की इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल Hwasong-17 का परीक्षण और लॉन्चिंग 24 मार्च को किम जोंग उन के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में किया गया था। Hwasong-17 एक विशाल ICBM है, जिसका पहली बार अक्टूबर 2020 में अनावरण किया गया था।
विश्लेषकों द्वारा Hwasong-17 को Monster Missile करार दिया गया था। इसका पहले कभी सफलतापूर्वक परीक्षण नहीं किया गया है। इस महाविनाशक मिसाइल को प्योंगयांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लॉन्च की गई, जिसने 6,248.5 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक की यात्रा की और 4,052 सेकंड में 1,090 किमी की दूरी तय की तथा खुले पानी में पूर्व-निर्धारित क्षेत्र को सटीक रूप से हिट किया।
उत्तर कोरिया, 2017 में तीन इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल उड़ान परीक्षणों के साथ अमेरिका की सरजमीं तक पहुंचने की क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे बड़ी मिसाइल Hwasong-17 लॉन्च करने का मकसद उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल रक्षा प्रणालियों को और आगे बढ़ाने के लिए उसे कई हथियारों से लैस करना भी हो सकता है।