Birbhum Violence Case: कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा आदेश- CBI करेगी बीरभूम हिंसा की जांच, 7 अप्रैल तक मांगी रिपोर्ट

बीरभूम में TMC से जुड़े एक उप ग्राम प्रधान की हत्या के बाद हुई हिंसा में 2 बच्चों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी

अपडेटेड Mar 25, 2022 पर 11:50 AM
हाई कोर्ट ने 7 अप्रैल तक इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है

Birbhum Violence Case: कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने बीरभूम के रामपुरहाट हिंसा मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में आग लगने की घटना में आठ लोगों के मारे जाने के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग की गई थी।

हाई कोर्ट ने 7 अप्रैल तक इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है। फिलहाल इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बंगाल पुलिस की SIT मामले को सीबीआई को सौंप देगी।

8 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या


पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 21 मार्च को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता की हत्या के कुछ देर बाद रामपुरहाट गांव में दो बच्चों समेत आठ लोगों की जलने से मौत हो गई। रामपुरहाट शहर के बाहरी हिस्से में स्थित बोगतुई गांव के करीब 10 घरों में अज्ञात बदमाशों ने आग लगी दी। उन्होंने घरों में सो रहे लोगों पर बम भी फेंके।

स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस और दमकल को मदद के लिए बुलाया, लेकिन वे मूकदर्शक बने रहे और आग की लपटों में दो बच्चों सहित सात की मौत हो गई, जबकि बचाए गए एक अन्य व्यक्ति की बाद में अस्पताल में मौत हो गई।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में हुई हत्याओं के सिलसिले में टीएमसी रामपुरहाट-1 के प्रखंड अध्यक्ष एवं मुख्य आरोपी अनारुल हुसैन को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इलाके में संभावित अशांति के बारे में स्थानीय लोगों की आशंका पर ध्यान नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसे गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था।

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अधिकारी ने कहा कि यही अशांति बाद में हिंसा में तब्दील हो गई थी। अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश देने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने हुसैन को जिले के तारापीठ से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने कहा कि हुसैन के आवास सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में तलाशी ली गई, जिसके बाद उसे तारापीठ से पकड़ा गया।

जिंदा जलाने से पहले की गई थी पिटाई

बोगतुई गांव में तीन महिलाओं और दो बच्चों समेत आठ लोगों को जिंदा जलाने से पहले बुरी तरह पीटा गया था। मृतकों के शवों की पोस्टमार्टम जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। रामपुरहाट अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम और अन्य जांच करने वाले फॉरेंसिक विशेषज्ञों के प्रारंभिक निष्कषरें के अनुसार पीड़ितों को पहले बुरी तरह पीटा गया और फिर जिंदा जला दिया गया। उधर राज्य सरकार ने कथित रूप से लापरवाही बरतने के आरोप में कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

आरोपियों को मिलेगी कड़ी सजा: CM

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि रामपुरहाट हिंसा मामले के संदिग्धों के आत्मसमर्पण ना करने पर उन्हें ढूंढकर गिरफ्तार किया जाएगा और पुलिस यह सुनिश्चित करेगी उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। बनर्जी ने गुरुवार को बोगतुई गांव का दौरा किया। बनर्जी ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का वादा भी किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए देने और क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए दो-दो लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

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