80 साल की उम्र में अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हुए, जानें कौन हैं ललित खेतान?

उद्यमी ललित खेतान 80 साल की उम्र में अरबपतियों की सूची में शामिल हुए हैं। फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक, दिल्ली की लीकर कंपनी रेडिको खेतान के चेयरमैन खेतान भारत के नए अरबपति हैं, जिनकी कंपनी के शेयरों में इस साल 50 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मैगजीन के मुताबिक, उनका नेटवर्थ तकरीबन 1 अरब डॉलर है

अपडेटेड Dec 14, 2023 पर 1:09 PM
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ललित खेतान को उद्यमिता से जुड़े कई सम्मान मिल भी चुके हैं।

उद्यमी ललित खेतान (Lalit Khaitan ) 80 साल की उम्र में अरबपतियों की सूची में शामिल हुए हैं। फोर्ब्स (Forbes) मैगजीन के मुताबिक, दिल्ली की लीकर कंपनी रेडिको खेतान (Radico Khaitan) के चेयरमैन खेतान भारत के नए अरबपति हैं, जिनकी कंपनी के शेयरों में इस साल 50 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मैगजीन के मुताबिक, उनका नेटवर्थ तकरीबन 1 अरब डॉलर है।

हम आपको यहां भारत के नए अरबपति के बारे में विस्तार से बता रहे हैं:

ललित खेतान की कंपनी रेडिको खेतान, मैजिक मोमेंट्स वोदका (Magic Moments vodka), 8 पीएम व्हिस्की (8 PM whiskey), ओल्ड एडमिरल ब्रांडी (Old Admiral brandy) और रामपुर सिंगल माल्ट (Rampur single malt) जैसे लीकर ब्रांड्स के लिए मशहूर है।


रेडिको खेतान का पहला नाम रामपुर डिस्टिलरी एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड था। उनके पिता जी. एन. खेतान ने इस कंपनी को 1970 के दशक में खरीदा था, जो उस वक्त घाटे में चल रही थी। खेतान ने अपने पिता से इस कारोबार की विरासत 1995 में संभाली, जबकि जी. एन. खेतान (GN Khaitan) ने अपने चार बेटों के कारोबार का बंटवारा किया।

ललित खेतान ने 2020 में फॉर्चून (Fortune) मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा था, 'नौवीं क्लास से ही मैंने यह पक्का कर लिया था कि मुझे शराब के बिजनेस में रहना है। उस वक्त हमारा मार्केट कैपिटल 5 करोड़ रुपये था, जो अब 5,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।' ललित खेतान उस वक्त शराब छूते भी नहीं थे, जब उनके पिता ने 1972 में 16 लाख में रामपुर डिस्टलरी बिजनेस को खरीदा था। दरअसल, उनके पिता ने भी पूरी जिंदगी में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। ललित खेतान ने मेयो कॉलेज, अजमेर और सेंट जेवियर कॉलेज कोलकाता से पढ़ाई की है। उन्होंने बेंगलुरु के BMS कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की डिग्री भी ली है और हार्वर्ड से फाइनेंस और एकाउंटिंग का कोर्स भी किया है।

रेडिको खेतान ने बॉटलिंग प्लांट के तौर पर कारोबार शुरू किया था और बाद में बल्क में अल्कोहल बनाने लगी। हालांकि, बिजनेस सुस्त होने के बाद ललित खेतान ने अपने बेटे अभिषेक के साथ मिलकर ब्रांडेड शराब के बिजनेस में उतरने का फैसला किया। अभिषेक खेतान ने फॉर्चून के इंटरव्यू में कहा था, 'हमारे पास दो विकल्प थे- दिवालिया हो जाना या अपना ब्रांड तैयार करना। ऐसे में हमने अपना ब्रांड शुरू करने का फैसला किया।' कंपनी ने अगस्त 1998 में 8 पीएम (8 PM) व्हिस्की लॉन्च किया था।

आज यह भारत में विदेशी शराब बनाने वाली प्रमुख कंपनी बन गई है और इसके ब्रांड्स 85 से भी ज्यादा देशों में उपलब्ध हैं। फोर्ब्स के मुताबिक, कंपनी को प्रीमियम ब्रांड्स में विस्तार करने की रणनीति का काफी फायदा मिला है। ललित खेतान को उद्यमिता से जुड़े कई सम्मान मिल भी चुके हैं। उन्हें 2017 में उत्तर प्रदेश डिस्टिलर्स एसोसिएशन (UPDA) से लाइफ टाइम अचीवमेंट मिला था। इसके अलावा भी खेतान को कई और सम्मान से नवाजा जा चुका है।

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