उम्मीद से बेहतर तिमाही, फिर Accenture में क्यों होगी 19000 एंप्लॉयीज की छंटनी?

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) के लिए दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे और चालू वित्त वर्ष 2023 के लिए गाइडेंस बाजार के अनुमान से अधिक रहा। हालांकि इसके बाद सबसे अधिक जिस ऐलान ने चौंकाया, वह छंटनी का रहा। कंपनी ने 19 हजार एंप्लॉयीज की छुट्टी करने का ऐलान किया है। जानिए वित्तीय सेहत बेहतर होने के बावजूद कंपनी छंटनी क्यों कर रही है

अपडेटेड Aug 14, 2023 पर 11:37 AM
आईटी कंपनी एक्सेंचर ने भारतीय बाजार के लिए एक नई लीव पॉलिसी पेश की है। इस नई पॉलिसी के तहत एंप्लॉयीज तीन प्रकार की छुट्टियां ले सकेंगे- कमाई हुई छुट्टियां यानी अर्न्ड लीव, बीमारी के लिए छुट्टी यानी सिक एंड वेलनेस लीव और कैजुएल लीव।

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) के लिए दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे और चालू वित्त वर्ष 2023 के लिए गाइडेंस बाजार के अनुमान से अधिक रहा। हालांकि इसके बाद सबसे अधिक जिस ऐलान ने चौंकाया, वह छंटनी का रहा। कंपनी ने 19 हजार एंप्लॉयीज की छुट्टी करने का ऐलान किया है। इन्हें वित्त वर्ष 2023 के आखिरी तक निकाल दिया जाएगा। एनालिस्ट्स का कहना है कि छंटनी का यह फैसला लागत घटाने के लिए भी हो सकता है लेकिन इसकी एक वजह घरेलू आईटी कंपनियों में कम एट्रीशन यानी (कंपनी छोड़ने वाले एंप्लॉयीज की कम संख्या) के चलते भी हो सकता है। बता दें कि एक्सेंचर की कारोबारी सेहत पर भारत में भी नजर रहती है क्योंकि इसका आउटसोर्सिंग का बिजनेस काफी बड़ा है। इसका वित्त वर्ष सितंबर-अगस्त का होता है।

किन एंप्लॉयीज की होगी छंटनी

एक्सेंचर 19 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी करेगी जो इसके वर्कफोर्स का करीब ढाई फीसदी है। इसमें आधा तो बिलेबल (Billable) और आधा कॉरपोरेट रिसोर्सेज से छंटनी होगी। ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक छंटनी का फैसला खर्च घटाने का संकेत है। वहीं एट्रीशन को लेकर नोमुरा इंडिया का कहना है कि आने वाले समय में सुस्त ग्रोथ की आशंका, वैश्विक टेक कंपनियों में छंटनी और भारतीय टेक स्टार्टअप को कमजोर फंडिंग के चलते एंट्रीशन आगे और कम हो सकता है। नोमुरा ने यह अनुमान आईटी कंपनियों के मार्जिन को चुनौतियों को देखते हुए लगाया है।


Accenture की सेहत कैसी है

एक्सेंचर के मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि पिछले दो वर्षों में एंप्लॉयीज पर खर्च में बेतहाशा बढ़ोतरी की गई थी जिससे कंपनी की लागत बढ़ गई और इस वजह से ही छंटनी की फैसला लेना पड़ा। हालांकि कंपनी का यह भी कहना है कि छंटनी के फैसले को मांग में कमी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल के मुताबिक मार्जिन पर दबाव के संकेत मिल रहे हैं जो बड़े सौदों की अधिक हिस्सेदारी और अपेक्षाकृत कम ग्रोथ के कारण बढ़ सकती है।

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एक्सेंचर ने पेश की नई लीव पॉलिसी

आईटी कंपनी एक्सेंचर ने भारतीय बाजार के लिए एक नई लीव पॉलिसी पेश की है। इस नई पॉलिसी के तहत एंप्लॉयीज तीन प्रकार की छुट्टियां ले सकेंगे- कमाई हुई छुट्टियां यानी अर्न्ड लीव, बीमारी के लिए छुट्टी यानी सिक एंड वेलनेस लीव और कैजुएल लीव। यह नई पॉलिसी 1 सितंबर 2023 से लागू हो जाएगी। अकम्यूलेटेड लीव और सिक लीव पहले भी थी और अब सिंपल लीव भी पेश कर दिया गया है। नई पॉलिसी में अर्न्ड लीव को 24 से घटाकर 24, कैजुएल लीव और सिक लीव को 2 से 12 कर दिया गया है। इसके अलावा अब 30 की बजाय 45 दिनों के अर्न्ड लीव को कैरी फारवर्ड यानी आगे खींच सकेंगे।

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