Madhya Pradesh Rain: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर आज सोमवार को भी जारी है। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने भोपाल में अगले 24 तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के एक बयान में बताया कि शुक्रवार शाम से शुरू हुई बारिश का दौर मंगलवार तक जारी रहने की संभावना है। राज्य के 39 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज सुबह से ही बारिश शुरू हो गई है। मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र मिश्रा ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, "प्रदेश में भारी से अति बारिश का दौर शुरू है और ये आने वाले दो दिनों तक चलेगा। इसके बाद बारिश कम हो जाएगी। आज प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया गया है।"
राज्य में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राजधानी भोपाल और नर्मदापुरम जिले में आज (सोमवार), 22 अगस्त को सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है। भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए प्ले स्कूल से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने भारी बारिश को देखते हुए सभी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। भोपाल में भारी बारिश और मध्य प्रदेश के चार जिलों में मूसलाधार बारिश को लेकर शनिवार को मौसम विभाग की ओर से जारी 'रेड अलर्ट' की चेतावनी के बीच यह फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर दमोह, नरसिंहपुर और जबलपुर समेत राज्य के 39 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही IMD ने कुछ जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है। वहीं, रीवा, नर्मदापुरम, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, खंडवा और देवास जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आपको बता दें कि मानसूनी बारिश से अचानक आई बाढ़ (Floods), भूस्खलन (Landslide) और मकान ढहने की घटनाओं में उत्तर के पहाड़ी इलाकों और पूर्व के मैदानी इलाकों में कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद देश के एक बड़े हिस्से में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मृतकों में 22 लोग अकेले हिमाचल प्रदेश के हैं।
उत्तराखंड और ओडिशा में 4-4 और झारखंड में एक व्यक्ति की मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में 8 एक ही परिवार के हैं। प्रदेश में दस लोग इन हादसों में घायल हुए हैं।