राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत होनी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने राजधानी के बाहर से किसानों को आने के लिए इजाजत नहीं दी है। इसे देखते हुए पुलिस और किसानों के बीच टकराव की स्थिति है। किसानों की महापंचायत के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही एनसीआर में और पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। नई दिल्ली में धारा-144 लगा दिया गया है।
बता दें कि आक्रोशित किसान केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा को हटाने और अन्य मांगों के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देने वाले कानून की भी मांग कर रहे हैं। इस बीच, देश में बेरोजगारी के विरूद्ध प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के अहम चेहरे राकेश टिकैत को रविवार को दिल्ली में प्रवेश करने पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
किसान के साथ टकराव के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने यात्रियों से अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और कुछ मार्गों से बचने का अनुरोध किया है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बलों को बढ़ा दिया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में स्थित सिंघू सीमा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर स्थित गाजीपुर सीमा पर बैरिकेडिंग कर दी है।
एक आधिकारिक बयान में ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि जंतर मंतर पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा महापंचायत के मद्देनजर स्पेशल ट्रैफिक व्यवस्था की गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इन निम्नलिखित सड़कों पर भीड़भाड़ संभावना है...
- जनपथ (बाहरी सर्कल कनॉट प्लेस से राउंडअबाउट विंडसर प्लेस तक)
क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं किसान?
किसान नेता राकेश टिकैत और अन्य किसान संगठन फसलों के लिए एमएसपी के उचित क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं। टिकैत और अन्य किसान नेताओं ने 75 घंटे तक चले आंदोलन को खत्म कर दिया है। वे अगली बैठक 6 सितंबर को दिल्ली में बुलाएंगे। किसान नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन बुधवार रात से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसानों के आने के साथ सिलसिला शुरू हो गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने पिछले सप्ताह गुरुवार से लखीमपुर शहर के राजापुर मंडी समिति में अपना धरना शुरू किया था, जिसमें गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने, जेलों में पड़े निर्दोष किसानों की रिहाई, न्यून्तम समर्थन मूल्य गारंटी कानून, बिजली संशोधन विधेयक 2022 को वापस लेने, गन्ना बकाया का भुगतान और सरकार के भूमि अधिकार समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया गया था।
लखीमपुर खीरी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का पैतृक जिला है और वह खीरी से लगातार दूसरी बार बीजेपी के सांसद हैं। पिछले साल 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी जिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के गांव जा रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का किसानों द्वारा विरोध करने के दौरान तिकोनिया गांव में हुई हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोग मारे गए थे। इस मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को बतौर मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार किया गया है। किसानों की मांग है कि इस मामले को लेकर अजय मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए।