Maha Kumbh 2025: यूपी में अफसरों और पुलिसकर्मियों की छुट्टी पर लगी रोक, राज्य सरकार ने जारी किया फरमान

Prayagraj Mahakumbh 2025: यूपी पुलिस ने महाकुंभ 2025 के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगाई और छह रंगों के ई-पास सिस्टम को लागू किया। सीसीटीवी, ड्रोन और क्विक रिस्पांस टीमों के साथ सुरक्षा बढ़ाई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम प्रवेश और आयोजन सफल होगा

अपडेटेड Jan 05, 2025 पर 1:50 PM
UP Police Holidays Cancelled: महाकुंभ 2025 के दौरान यूपी में किसी पुलिस अधिकारी और पुलिस कर्मी को छुट्टी नहीं मिलेगी।

प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 को शानदार और सुरक्षित बनाने के लिए यूपी पुलिस ने कमर कस ली है। शनिवार को डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रयागराज का दौरा किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दौरे के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया।आदेश के अनुसार, महाकुंभ की समाप्ति तक यानी 26 फरवरी तक पुलिसकर्मी छुट्टी नहीं ले सकेंगे। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में सक्षम अधिकारियों की मंजूरी के बाद छुट्टी मिल सकती है। डीजीपी ने इस फैसले को मेले की सफलता और सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।

महाकुंभ जैसे अभूतपूर्व आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा और व्यवस्था के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए तैयारियां जोरों पर हैं। डीजीपी ने सभी पुलिसकर्मियों से अपील की है कि वे टीमवर्क और समर्पण के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बनाने में सहयोग करें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम


महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने और मेले को सुचारु रूप से चलाने के लिए खास कदम उठाए गए हैं। पूरे मेले क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र चुस्त-दुरुस्त किया गया है। प्रवेश और निकास पर पुलिस तैनात होगी, जबकि सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। भीड़ को संभालने के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, अहम जगहों पर क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

छह रंगों के ई-पास लागू

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छह रंगों के ई-पास सिस्टम लागू किया गया है। अलग-अलग श्रेणियों जैसे पुलिस, अखाड़े, वीआईपी और अन्य के लिए रंग-कोडेड ई-पास जारी किए जा रहे हैं। हर श्रेणी के लिए निश्चित कोटा तय किया गया है, जिससे भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

यह व्यवस्था न केवल सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि इससे श्रद्धालुओं और आयोजकों के बीच सहयोग करना भी आसान होगा। ई-पास सिस्टम की मदद से मेले में आने वाले लोगों को तेज और व्यवस्थित प्रवेश मिलेगा, जिससे कोई भी असुविधा न हो। प्रशासन का यह कदम महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन को सफल और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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