एक्टर रणबीर कपूर को ED ने क्यों भेजा नोटिस? क्या है महादेव बेटिंग ऐप घोटाला? जानें पूरी डिटेल

महादेव ऐप मामले (Mahadev App Case) में अपनी जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) को 6 अक्टूबर को तलब किया है। इस मामले में कई हाई-प्रोफाइल बॉलीवुड हस्तियां ED के रडार पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने रणबीर कपूर को 6 अक्टूबर को एजेंसी के रायपुर ऑफिस में पेश होने को कहा है

अपडेटेड Oct 04, 2023 पर 6:40 PM
जांच के मुताबिक रणबीर कपूर को महादेव ऐप का प्रचार करने के बदले पैसे मिले थे

महादेव ऐप मामले (Mahadev App Case) में अपनी जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) को 6 अक्टूबर को तलब किया है। इस मामले में कई हाई-प्रोफाइल बॉलीवुड हस्तियां ED के रडार पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने रणबीर कपूर को 6 अक्टूबर को एजेंसी के रायपुर ऑफिस में पेश होने को कहा है। एजेंसी को जांच में पता चला है कि रणबीर कपूर को महादेव ऐप के मालिकों ने अपने गेमिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार करने के बदले पैसे दिए थे। ये पैसे कथित तौर पर अपराध के जरिए हासिल किए गए थे। रणबीर कपूर इस ऐप के विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्रमोशन में दिखाई दिए थे। रणबीर कपूर को कथित तौर पर ऐप के एक प्रमोटर की शादी में परफॉर्म करने के लिए उनसे पैसे मिले थे।

महादेव ऐप क्या है? महादेव ऐप के मालिक कौन हैं?

महादेव ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने मिलकर शुरू किया है। यह प्लेटफॉर्म कथित तौर पर क्रिकेट, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर और कार्ड गेम सहित कई तरह के लाइव गेम में अवैध सट्टेबाजी के लिए ऑनलाइन मंच मुहैया कराती है। यह करीब पिछले 4 सालों से चालू है। कंपनी के प्रमोटर छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग एप्लिकेशन एक तरह सिंडिकेट है जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की व्यवस्था करता है।

यह ऐप नए यूजर्स को इनरोल करता था और कथित तौर पर बेनामी बैंक खातों की एक पूरी चेन के जरिए पैसों की हेराफेरी की जाती थी। गेम के प्लेटफॉर्म पर मौजूद सभी लॉटरी और बेटिंग ऑप्शन को इस तरह से डिजाइन किया गया था, इसे खेलने वाला प्लेयर्स हमेशा पैसे खोता था और कंपनी फायदे में रहती थी।


एजेंसी का अनुमान है कि चंद्राकर की कंपनी ने इस घोटाले के जरिए करीब 5,000 करोड़ रुपये कमाया। ED के सूत्रों ने बताया कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मालिकों के भारत के व्यापारियों और हवाला ऑपरेटर्स के अलावा पाकिस्तान के साथ संबंध होने का भी संदेह हैं।

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क्या कहती है ईडी की जांच?

28 वर्षीय सौरभ चंद्राकर अपनी भव्य शादी के बाद एजेंसी के रडार पर आए। रिपोर्टों के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात में इस शादी में सौरभ चंद्राकर ने करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसके बाद शुरू हुई जांच में एजेंसी को कथित हवाला ऑपरेटर्स और उनके संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान में संबंधों के डिटेल मिले।

ED ने घोटाले के पीड़ितों की ओर से दर्ज कराए गए कम से कम सात FIR को जोड़कर एक साथ जांच शुरू की है। ये FIR गोवा, मुंबई, विशाखापत्तनम, अहमदाबाद और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर दर्ज की गई हैं।

करीब 8 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाला ऑपरेटर इसी तरह का पोर्टल चलाकर खाड़ी देशों और पाकिस्तान में मनी-लॉन्ड्रिंग के लिए जांच के दायरे में हैं। चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर कम से कम 70 फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल विदेशी खातों में हेरफेर के लिए किया।

चंद्राकर फिलहाल युक्त अरब अमीरात में है। ED उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग लेने के विकल्पों पर विचार कर रही है।

बॉलीवुड हस्तियां रडार पर क्यों हैं?

इस साल फरवरी में चंद्राकर की शादी और पिछले साल सितंबर में कंपनी की एक सक्सेस पार्टी में कई बॉलीवुड हस्तियां परफॉर्म करने के लिए गईं थीं। अब ये सभी हस्तियां जांच के दायरे में हैं।

अधिकारी ने कहा, 'मशहूर हस्तियों ने शादी में शामिल होने या परफॉर्मेंस देने के बदले फीस का एक बड़ा कैश में लिया था। यह पैसा अपराध से हासिल किया गया है और ऐसे में मशहूर हस्तियां इस पैसे को लेने के लिए जवाबदेह हैं।' ईडी के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया, "एक दर्जन से अधिक हस्तियां हैं जिन्होंने शादी में भाग लिया और वे वीडियो में दिखाई दे रहे हैं।

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