Mahakumbh 2025: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे महाकुंभ 2025 के चार नए कीर्तिमान

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। मेला प्रशासन ने चार नए विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना बनाई है, जिनमें सफाई अभियान, नदी की सफाई, 1,000 ई-रिक्शा संचालन और 10,000 हैंड प्रिंट शामिल हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम इसकी निगरानी कर रही है

अपडेटेड Feb 14, 2025 पर 12:04 PM
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Mahakumbh 2025: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम प्रयागराज में मौजूद

महाकुंभ 2025 में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जिससे यह पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम बन चुका है। इस अद्वितीय आयोजन को और भी ऐतिहासिक बनाने के लिए मेला प्रशासन ने चार नए विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना तैयार की है। ये रिकॉर्ड स्वच्छता, परिवहन, सामूहिक भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम भी प्रयागराज पहुंच चुकी है। 14 फरवरी से 17 फरवरी तक चार दिनों में चार रिकॉर्ड बनाने की योजना है।

महाकुंभ न केवल आध्यात्मिकता बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता का भी संदेश देगा। मेला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इन रिकॉर्ड्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कमर कस ली है।

चार दिनों में चार विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना


सफाई अभियान: महाकुंभ के पवित्र संगम क्षेत्र में 14 फरवरी को 15,000 सफाई कर्मचारी 10 किलोमीटर तक फैले गंगा तट पर सफाई करेंगे। इससे पहले कुंभ 2019 में 10,000 सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस बार अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया जाएगा।

नदी की सफाई: 15 फरवरी को कुंभ क्षेत्र की नदियों में सफाई अभियान चलाने के लिए 300 कर्मचारी एक साथ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में उतरेंगे। यह पहल जल संरक्षण और नदी स्वच्छता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगी।

ई-रिक्शा संचालन: 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1,000 ई-रिक्शा एक साथ चलाकर सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

10,000 लोगों के हैंड प्रिंट: 17 फरवरी को 10,000 लोगों के हैंड प्रिंट (हाथ के छापे) लेकर एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। यह आयोजन सामूहिक भागीदारी और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनेगा।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम प्रयागराज में मौजूद

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम प्रयागराज पहुंच चुकी है और मेला प्रशासन के साथ मिलकर इन रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया को करने में जुटी हुई है। मेलाधिकारी ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इन रिकॉर्ड्स को आधिकारिक रूप से मान्यता दिलाने के लिए गिनीज की टीम इन आयोजनों की निगरानी करेगी।

कुंभ 2019 के विश्व रिकॉर्ड: प्रयागराज में आयोजित कुंभ 2019 में भी तीन विश्व रिकॉर्ड बने थे, जिन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया था:

सबसे बड़ी यातायात व्यवस्था: 500 से अधिक शटल बसें चलाकर सार्वजनिक परिवहन का रिकॉर्ड बनाया गया था।

सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान: 10,000 सफाई कर्मचारियों की मदद से स्वच्छता और अपशिष्ट निपटान का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।

सर्वाधिक लोगों के हैंड प्रिंट संग्रहण: 7,500 लोगों के हाथ के छापे लेकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था।

इस बार 2025 में अपने ही दो रिकॉर्ड (सफाई अभियान और हैंड प्रिंट) को तोड़ते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी है।

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