Mahakumbh 2025: आईआईटी बाबा अभय सिंह अचानक गायब, जूना अखाड़े में मचा हड़कंप

Mahakumbh 2025: आईआईटी बॉम्बे से पढ़े बाबा अभय सिंह, जो महाकुंभ 2025 में चर्चा में थे, अचानक गायब हो गए। जूना अखाड़े के संत और उनके माता-पिता उनकी तलाश में हैं। मीडिया दबाव और विवादों के कारण उन्होंने महाकुंभ छोड़ा। बाबा का मानना है कि भक्ति ही सच्चा सुख है और उन्होंने इसे अपना जीवन समर्पित किया

अपडेटेड Jan 18, 2025 पर 5:04 PM
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Mahakumbh 2025: हरियाणा के झज्जर निवासी अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की शुरुआत से ही आईआईटी वाले बाबा अभय सिंह चर्चा का विषय बने हुए थे। उनके आध्यात्मिक ज्ञान और अनोखे व्यक्तित्व ने लोगों का ध्यान खींचा और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे। बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंच रहे थे। लेकिन इसी बीच बाबा अभय सिंह अचानक महाकुंभ से गायब हो गए। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े में साधना कर रहे बाबा अभय सिंह ने महाकुंभ छोड़ दिया और अज्ञात स्थान पर चले गए। उनके माता-पिता और आश्रम के संतों को भी यह नहीं पता कि वह कहां गए हैं।

गुरुवार रात उनके माता-पिता आश्रम में उन्हें खोजने पहुंचे, लेकिन तब तक वह वहां से जा चुके थे। हरियाणा के झज्जर के रहने वाले बाबा अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उनका अचानक गायब होना सभी के लिए रहस्यमय बना हुआ है।

मीडिया से बढ़ा तनाव


आश्रम के संतों के अनुसार बाबा अभय सिंह लगातार मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं, जो विवाद का कारण बनीं। इससे वह मानसिक तनाव में आ गए और उन्होंने आश्रम छोड़ने का फैसला किया। उनका मोबाइल नंबर भी बंद है जिससे श्रद्धालु और मीडिया कर्मी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे।

कौन हैं इंजीनियर बाबा?

हरियाणा के झज्जर निवासी अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने कनाडा में एक विमान बनाने वाली कंपनी में काम भी किया लेकिन बाद में आध्यात्मिक शांति की तलाश में सब कुछ छोड़ दिया।

जीवन में बदलाव का सफर

अभय सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग करते समय उन्हें लगता था कि यही सब कुछ है। लेकिन दर्शनशास्त्र और आध्यात्म में रुचि बढ़ने पर उन्हें असली संतोष मिला। उन्होंने भारत लौटकर भगवान को अपना जीवन समर्पित कर दिया।

अध्यात्म पर विचार

बाबा का कहना है कि अध्यात्म सिर्फ अपनी खुशी पाने की बात नहीं है। यह भारत की संस्कृति और परंपरा की जड़ है। उनके मुताबिक, भक्ति में उन्हें वह शांति मिली, जिसकी उन्हें हमेशा तलाश थी।

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