Mahakumbh 2025: 13 जनवरी 2025 से संगम की धरती पर महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है, और इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं का खास ध्यान रखा गया है। परेड में 100 बेड वाला सेंट्रल हॉस्पिटल तैयार किया गया है, जबकि महाकुंभ के 25 सेक्टरों में छोटे अस्पताल बनाए गए हैं, जिनमें 25-25 बेड हैं। इन सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य समस्या का तुरंत इलाज मिल सके। खास बात यह है कि सेंट्रल हॉस्पिटल में महिलाओं के प्रसव के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है।
महाकुंभ के दौरान यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने में मदद करेगी।महाकुंभ 2025 की तैयारियों के बीच महाकुंभ नगर स्थित केंद्रीय अस्पताल से खुशखबरी आई है। अस्पताल में दो बच्चों का जन्म हुआ है, जिनमें से एक रविवार को और दूसरा सोमवार को हुआ।
डिप्टी सीएम ने बताया कि केंद्रीय अस्पताल में ओपीडी, सामान्य वार्ड, प्रसव केंद्र, ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू जैसी सुविधाओं का आयोजन किया गया है। 20 वर्षीय गर्भवती सोनम को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। परिजनों ने बच्चे का नाम 'कुंभ' रखने पर सहमति जताई। इसके बाद सोमवार को गर्भवती शिव कुमारी को भी प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया और उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, जिसका नाम 'गंगा' रखा गया। अस्पताल में लगातार किलकारियां गूंज रही हैं, जिससे चिकित्सक भी उत्साहित हैं।
अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अस्पताल में महिला, पुरुष और बाल रोगियों के लिए अलग-अलग वार्ड हैं। इसके अलावा, अस्पताल में आकस्मिक कक्ष, आईसीयू, प्रसव कक्ष, एक्स-रे, बायोकेमेस्ट्री जांच, प्रयोगशाला और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि 231 चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जिनमें सर्जन, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, गाइनोकोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। पैरामेडिकल स्टाफ, जैसे फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन भी अस्पताल में सेवाएं प्रदान करेंगे।