महाकुंभ मेला भारत में सबसे बड़ा धार्मिक समागम है। इसमें देश विदेश से करोड़ों लोग शामिल होते हैं। साल 2025 में महाकुंभ मेला प्रयागराज में लगने वाला है। इस मेले को लेकर तैयारियां पूरे जोरों पर चल रही हैं। महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार लगता है। महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को काउंट करने के लिए मेला प्रशासन ने आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। पूरे शहर में एआई कैमरों के साथ ही कई अन्य तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। ताकि श्रद्धालुओं की सटीक गिनती की जा सके।
श्रद्धालुओं की संख्या को ट्रैक करने के लिए 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इस बार के मेले में करीब 40-45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस बार नया विश्व रिकार्ड बन सकता है।
CCTV कैमरे से लैस होगी प्रयागनगरी
प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि इस बार महाकुम्भ 2025 में 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की काउंटिंग और ट्रैकिंग के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं को ट्रैक करने के लिए मेला क्षेत्र के भीतर 200 स्थानों पर लगभग 744 अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जबकि शहर के अंदर 268 स्थानों पर 1107 स्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यही नहीं, 100 से अधिक पार्किंग स्थलों पर 720 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। बता दें कि प्रयागराज में जब भी कुंभ या महाकुम्भ मेला लगता है तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। हालांकि, अब तक इनकी संख्या नहीं काउंट की गई।
मंडलायुक्त ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की गिनती करना बड़ी चुनौती है। लेकिन इसमें एआई का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण होगा। एआई का उपयोग करते हुए क्राउड डेंसिटी अलगोरिदम से लोगों के काउंटिंग का भी प्रयास किया जा रहा है। एआई आधारित क्राउड मैनेजमेंट रियल टाइम अलर्ट जनरेट करेगा। जिससे संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की काउंटिंग और ट्रैकिंग करना आसान हो जाएगा।