इंडिया से हजारों किलोमीटर दूर रहने और दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी (Microsoft) के CEO की जिम्मेदारियों के बावजूद सत्या नडेला (Satya Nadella) भारत को नहीं भूल पाए हैं। LinkedIn के सीईओ Ryan Roslansky से हालिया बातचीत में नडेला ने सबसे ज्यादा चर्चा इंडिया में अपने बचपन, अपनी पसंद, अपने माता-पिता के बारे में की। वह आज जिस मुकाम पर हैं, उसका श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह उनके पेरेंट्स ने उन्हें अपने हिसाब से आगे बढ़ने और करियर तय करने के लिए पूरा स्पेस दिया था।
नडेला का जन्म 1967 में हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई हैदराबाद पब्लिक स्कूल से किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की। फिर कंप्यूटर साइंस में मास्टर की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका चले गए। उन्होंने यह भी बताया कि पढ़ाई-लिखाई में उनकी बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी। उन्हें ज्यादा मजा क्रिकेट खेलने में आता था। लेकिन, पहली बार कंप्यूटर का इस्तेमाल करते ही उन्हें इसमें कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी हो गई।
सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया
उन्होंने कहा, "आज में जो हूं, उसमें मेरे पेरेंट्स का सबसे बड़ा रोल है। मेरे पिता एक आईएएस अफसर थे और इकोनॉमिस्ट थे। मेरी मां संस्कृत की प्रोफेसर थीं। वह एक दूसरे के बिल्कुल उलट थे। सिर्फ एक मामले में उनकी राय मिलती थी। यह थी मुझे पर्याप्त स्पेस देना, मुझे मैरे पैशन को पूरे करने का मौका देना और अपने हिसाब से मैं खुद को ढाल सकूं इसके लिए मुझ पर भरोसा करना।"
1992 में शुरू की Microsoft में नौकरी
उन्होंने 1992 में Microsoft में नौकरी शुरू की। यह उस सफर की शुरुआत थी, जिसके अब 30 साल पूरे हो चुके हैं। वह आज कंपनी के टॉप पॉजिशन पर पिछले कई सालों से हैं। उन्होंने कहा, "इंडिया में एक मिडिल क्लास परिवार में व्यक्ति को कई बार कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन, एक चीज जो मुझे खास तौर पर याद आती है वह है अमेरिकन टेक्नोलॉजी। मुझे वह समय याद है, जब मैंने पहली बार कंप्यूटर का इस्तेमाल किया था।" दरअसल यह सॉफ्टवेयर की ताकत थी, जिसने उन्हें बांध लिया।
Sun Microsystem में भी काम किया
अमेरिका में कंप्यूटर साइंस में मास्टर की पढ़ाई करने के बाद नडेला ने Sun Microsystem में नौकरी शुरू की। यहां वह कुछ ही समय के लिए रहे। लेकिन, इसने उन्हें कंप्यूटर साइंस में अपनी ठोस बुनियाद बनाने में मदद की। उन्होंने Ryan के साथ बातचीत में माइक्रोसॉफ्ट में बिताए तीन दशकों के बारे में भी बातचीत की। उन्होंने कहा, "मैंने माइक्रोसॉफ्ट में यह महसूस किया कि जो काम (जॉब) मैं कर रहा हूं वह सबसे जरूरी है।" संभवत: काम को लेकर इस तरह की प्रतिबद्धता और जुड़ाव ने नडेला को कंपनी के टॉप पॉजिशन पर पहुंचने में मदद की होगी।