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गर्मी के मौसम में इन मोटे अनाजों से बॉडी रहेगी कूल-कूल, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल हो जाएंगे धराशाई

Millets: ज्वार, बाजारा, जौ, कोदो, रागी को मोटे अनाज की श्रेणी में रखा गया है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, के लिए मोटे अनाज रामबाण माने गए हैं। इनके सेवन से इम्यूनिटी भी बढ़ती है। ये अनाज पोषक तत्व का खजाना है। इन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। ये सेहत के लिए काफी फायदेमंद माने गए हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Apr 23, 2023 पर 10:29 AM
गर्मी के मौसम में इन मोटे अनाजों से बॉडी रहेगी कूल-कूल, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल हो जाएंगे धराशाई
बाजरे में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन, राइबोफ्लोबिन, कई तरह के विटामिंस और मिनिरल्स एक साथ पाए जाते हैं

Millets: कुछ समय पहले तक मोटे अनाजों को कोई अहमियत नहीं दी जाती थी। लोग इन्हें गरीबों का भोजन कहा करते थे। लेकिन शरीर के लिए असली ताकत इन्हीं से आती है। आज मोटे अनाज हमारी डाइट का अहम हिस्सा होना बेहद जरूरी है। इससे हमारी बॉडी के पोषक तत्वों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। इनके सेवन से शरीर में मजबूती आती है। ज्वार, बाजरा, जौ, रागी आदि अनाजों को मोटे अनाज की श्रेणी में रखा गया है। अंग्रेजी भाषा में इन अनाजों को मिलेट कहा जाता है। इनके सेवन से डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियां कोसों दूर रहती हैं। आज मोटे अनाजों की कीमतों में काफी तेजी आई है।

साल 2023 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने अन्तर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया है। यानी यह साल अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। फिलहाल मिलेट वर्ग के अनाजों में बाजरा, रागी, कुटकी, संवा, ज्वार, कंगनी, चेना और कोदो को शामिल किया गया है। मोटे अनाजों में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर होता है। इनमें फैट न के बराबर पाया जाता है। यह वजह है कि ये अनाज पेट को ठंडा रखते हैं। इनके सेवन से बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।

गर्मी में खाएं ये मोटे अनाज

ज्वार

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