National Dengue Day 2023: भारत में हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद इस वेक्टर जनित बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से आज के दिन कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बीमारी को हड्डी तोड़ बुखार मानता है। यह गंभीर बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। डेंगू के सबसे आम लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, मतली, दाने और शरीर में दर्द हैं। कुछ मामलों में, डेंगू गंभीर हो सकता है और घातक हो सकता है। डेंगू मच्छरों से मनुष्यों में फैलता है।
डेंगू एक संक्रामक बीमारी है जो एक मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर को एडीस एजिप्टी या टाइगर मस्किटो के नाम से जाना जाता है। इसे टाइगर मच्छर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके काले शरीर पर सफेद धारियां होती हैं। बता दें कि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। यह मच्छर वैसे जगह में पनपता है, जहां साफ पानी जमा रहता है।
मच्छर से ऐसे फैलती है बीमारी
डेंगू का मच्छर एक बार किसी पीड़ित इंसान को काट ले तो फिर मच्छर के अंदर डेंगू का वायरस चला जाता है। फिर यह मच्छर किसी स्वस्थ्य आदमी को काटता है तो फिर उस आदमी को डेंगू हो जाता है। सबसे परेशानी वाली बात यह है कि एक बार मच्छर वायरस से संक्रमित हो गया। ऐसी स्थिति में यह जब तक जिंदा रहता है। घूम घूमकर डेंगू की बीमारी से लोगों को संक्रमित करता रहता है। यह मच्छर 16 से 30 डिग्री सेल्सियस के तापमान में सबसे अधिक फैलता है। डेंगू बुखार के तीन प्रकार है- डेंगू, हेमरेजिक बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम।
डेंगू बुखार में लें ये पाउडर
आयुष मंत्रालय (ref.) ने डेंगू बुखार को कंट्रोल करने वाली दवा के बारे में बताया है। मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, रोजाना 2 ग्राम सोंठ का सेवन करने से डेंगू के रोग में फायदा होता है। दिन में दो बार इसका काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। अगर फिर भी समस्या वैसे ही बनी रहती है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
डेंगू बुखार के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। जिसे खत्म करने के लिए इलायची और लौंग का पानी पीएं। इसके अलावा नारियल का पानी भी फायदेमंद होता है।
जितना हो सके खुद को ढक कर रखें
जब भी आप किसी ऐसे जगह पर हों जहां मच्छर हों तो लंबी बाजू की पैंट, लंबी पैंट, मोज़े और जूते जरूर पहनें। चप्पल या सैंडल पहनने से बचें। मच्छर किसी भी वक्त काट सकते हैं। लिहाजा सुबह की सैर पर भी पूरी बाज़ू और फुल पैन्ट पहनकर ही निकलें।
हमेशा मच्छरदानी लगाकर ही सोएं
मच्छर और कीड़े को भगाने के लिए लोशन का उपयोग जरूर करें। यह डेंगू की बीमारी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। खासतौर पर बच्चों को मच्छर के काटने से बचाने के लिए मच्छरदानी का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही मच्छरदानी से कीड़ों के काटने का डर भी कम होता है।