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Navratri 2023 Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्‍टा की पूजा, जानिए पूजन विधि और मंत्र

Navratri 2023 Day 3: मां चंद्रघंटा के माथे पर अर्धचंद्र सुशोभित है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनके दसों हाथों में अस्त्र शस्त्र हैं। इनकी मुद्रा युद्ध की मुद्रा युद्ध की मुद्रा है। मां का यह स्‍वरूप अत्‍यंत तेजमयी और शक्ति स्‍वरूपा माना गया है। इनकी पूजा करने वाले लोग पराक्रमी होते हैं। इसके साथ ही निडर रहते हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Oct 17, 2023 पर 10:33 AM
Navratri 2023 Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्‍टा की पूजा, जानिए पूजन विधि और मंत्र
Navratri 2023 Day 3: नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघण्‍टा की पूजा को समर्पित होता है।

Navratri 2023 Day 3: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन देवी मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। मां चंद्रघंटा सांसारिक कष्टों से छुटकारा दिलाती हैं। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। मां चंद्रघंटा के पूजन से साधक को तीसरे मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां खुद मिलने लगती हैं। इससे निर्णय लेने की क्षमता में इजाफा होता है। आत्मविश्वास मे बढ़ोत्तरी होती है जिससे हर कार्य कर पाना संभव हो जाता है। 9 दिन के इस उत्सव में भक्त हर दिन देवी के कई रूपों की पूजा करते हैं।

अष्‍ट भुजाओं वाली मां चंद्रघण्‍टा का स्‍वरूप स्‍वर्ण के समान चमकीला है। उनका वाहन सिंह है। उनकी अष्‍टभुजाओं में कमल, धनुष, बाण, खड्ग, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा आदि जैसे अस्त्र और शस्त्र शामिल हैं। उनके गले में सफेद फूलों की माला और सिर पर रत्‍नजड़ित मुकुट रहता है। मां चंद्रघण्‍टा सदैव युद्ध की मुद्रा में रहती हैं और तंत्र साधना में मणिपुर चक्र को कंट्रोल करती हैं।

मां चंद्रघंटा पूजा विधि

मां चंद्रघंटा की पूजा से मंगल ग्रह की अशुभता दूर की जा सकती है। नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा को लाल चंदन, लाल चुनरी, लाल फूल और लाल फल(सेब) अर्पित करें। लाल रंग मां चंद्रघंटा को अति प्रिय है। देवी चंद्रघंटा की पूजा में क्लीं मंत्र का लगातार जाप करते रहें। मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं। मान्यता है इससे व्यक्ति में साहस बढ़ता है। दुश्मनों पर विजय पाने की शक्ति मिलती है। मां के इस रूप की पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन सूर्योदय से पहले उठकर करनी चाहिए। उनकी पूजा में शंख और घंटों का प्रयोग करने से माता प्रसन्‍न होकर हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।

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