Get App

अब अमिताभ कांत ने छेड़ा सप्ताह में 90 घंटे काम का टॉपिक, बोले- 'भारतीयों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए'

पिछले साल, इंफोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति ने सप्ताह में 70 घंटे काम करने की वकालत की थी। इस साल जनवरी में L&T के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन ने सप्ताह में 90 घंटे काम करने और यहां तक ​​कि रविवार को भी काम करने का सुझाव दिया

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Mar 01, 2025 पर 9:00 PM
अब अमिताभ कांत ने छेड़ा सप्ताह में 90 घंटे काम का टॉपिक, बोले- 'भारतीयों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए'
अमिताभ कांत ने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की आर्थिक सफलता पूरे देश की कड़ी मेहनत का नतीजा है।

Work week debate: कॉरपोरेट वर्ल्ड में काम के घंटों को लेकर बहस एक बार फिर शुरू हो गई है। इस बार इसे छेड़ने वाले शख्स हैं भारत के जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत। कांत ने बिजनेस स्टैंडर्ड के एक ईवेंट में काम के घंटों को लेकर अपनी राय रखी और कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस की आड़ में कड़ी मेहनत न करना 'फैशनेबल' नहीं होना चाहिए। देश को कड़ी मेहनत करनी चाहिए, फिर चाहे वह सप्ताह में 80 घंटे की हो या 90 घंटे की।

27 फरवरी को बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमिताभ कांत ने कहा, "वर्क-लाइफ बैलेंस के नाम पर युवा पीढ़ी को यह न बताएं कि उन्हें कड़ी मेहनत करने की जरूरत नहीं है। हम सभी युवा पीढ़ी को गलत संदेश दे रहे हैं कि हम कड़ी मेहनत किए बिना भी आगे बढ़ सकते हैं।" कांत ने कहा, "यदि आपकी महत्वाकांक्षा 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बनने की है, तो आप इसे एंटरटेनमेंट और किसी फिल्म स्टार के विचारों के बेसिस पर नहीं कर सकते।"

'कड़ी मेहनत के बिना कोई भी देश महान नहीं बन सकता'

आगे कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की आर्थिक सफलता पूरे देश की कड़ी मेहनत का नतीजा है। कांत के मुताबिक, "हम उन लोगों की सराहना कर रहे हैं, जो कहते हैं कि आपको कड़ी मेहनत नहीं करनी चाहिए। क्यों? भारत को नतीजा हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। कड़ी मेहनत के बिना कोई भी देश महान नहीं बन सकता।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें