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Noida News: UP के नोएडा में बैठकर अमेरिका को लगा रहे थे चूना, फर्जी कॉल सेंटर से 76 लड़के-लड़कियां गिरफ्तार

Noida Crime News: उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 76 लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें 67 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं। ये लोग लैपटॉप पर बग भेजकर अमेरिकी नागरिकों को अपने जाल में फंसाते थे। फिर इनसे ठगी करते थे। अब तक करीब 1500 अमेरिकी नागरिकों को तगड़ा चूना लगा चुके हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 14, 2024 पर 12:06 PM
Noida News: UP के नोएडा में बैठकर अमेरिका को लगा रहे थे चूना, फर्जी कॉल सेंटर से 76 लड़के-लड़कियां गिरफ्तार
Noida Crime News: कॉल सेंटर में आरोपी अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता और लोन प्रोसेस के नाम ठगी करते थे।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस सेंटर से कुल 76 लोग गिरफ्तार हुए हैं। जिसमें 9 महिलाएं और 67 पुरुष शामिल हैं। ये लोग अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करते थे। लोगों को लोन प्रोसेस और तकनीकी सहायता के नाम पर फर्जी मैसेज और लिंक भेजे जाते थे। इस गिरोह के 4 सरगना कई बार पहले भी जेल जा चुके हैं। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में लैपटॉप, हेडफोन और अमेरिकी बैंकों के फर्जी चेक बरामद किए गए हैं। DCP सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने स्वॉट और सीआरटी की टीमों के साथ मिलकर रेड की थी।

डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया- पकड़े गए लोगों में अधिकतर लोग नॉर्थ ईस्ट के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से 58 लैपटॉप, 1 एप्पल मैक बुक, 45 लैपटॉप चार्जर, 2 राउटर, 45 हेडफोन, 24 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जिनका डाटा साइबर टीम की मदद से एनालिसिस किया जा रहा है। नोएडा सेक्टर-63 में कुरुनाल रे, सौरम, सादिक और साजिद अली इंस्टा सलूशन नाम से एक कॉल सेंटर चला रहे थे। साइबर फ्रॉड के मामले में ये पहले भी जेल जा चुके हैं।

अमेरिकी नागरिकों को ऐसे लगाते थे चूना

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अमेरिका के ही एक नागरिक की मदद से वहां के लोगों का डेटा लेते थे। इसके बदले में वह उन्हें 300 डॉलर तक देते थे। डेटा मिलने के बाद लोगों को कॉल कर लोन के बारे में जानकारी दी जाती है। इस दौरान आरोपी नॉर्थ ईस्ट या ऐसे लोग जिनका एक्सेंट कुछ अमेरिकन लगे उन्हें अमेरिकी नागरिकों से बात करने के लिए देते थे। ऐसे लोग जो लोन के लिए इंट्रेस्टेड होते थे। आरोपी उन्हें अमेरिका के बैंक का एक डिजिटल चेक भेजते थे। इस बीच रुपये क्रेडिट होने की बात कहकर आरोपी उनसे अपनी फीस के नाम पर 100 से 500 डॉलर तक ऐंठ लेते थे। पुलिस को आरोपियों के पास कुछ फर्जी डिजिटल चेक भी मिले हैं। उसकी जांच की जा रही है।

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