कोरोना वायरस महामारी है कि पूरी दुनिया से विदा होने का नाम नहीं ले रही है। करीब ढाई साल से इस महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इसके नए-नए वेरिएंट से लोग और ज्यादा परेशान होते जा रहे हैं। इस बीच कोरोना वायरस को लेकर एक और नई चौकाने वाली स्टडी सामने आई है। इस स्टडी के मुताबिक, ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BA.4 और BA.5 पर एंटीबॉडी भी बेअसर नजर आ रही है। इस बात की जानकारी हार्वर्ड मेडिकल के बेथ इजराइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर की रिसर्च में पता चला है।
यह रिसर्च उन लोगों पर किया गया है जो पहले से ही कोरोना संक्रमित हो चुके थे और वैक्सीन की दोनों डोज लेने के अलावा बूस्टर डोज भी ले चुके थे। इस रिसर्च में पता चला है कि ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BA.4 और BA.5 पर एंटीबॉडी बेअसर है। हालांकि वैक्सीन लेने पर सुरक्षा जरूर मिलती है।
न्यू जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पहले कोरोना संक्रमित होने या वैक्सीनेशन से बनी एंटीबॉडी को बेअसर करने की क्षमता कोरोना वायरस के मुकाबले BA.4 और BA.5 में कई गुना कम है। रिसर्च में पता चला है कि BA.1 और BA.2 के मुकाबले BA.4 और BA.5 में एंटीबॉडी को बेअसर करने में 3 गुना कम क्षमता है। यह कोरोना के मूल वेरिएंट के मुकाबले काफी कम है। इसमें ये भी कहा गया है कि ओमीक्रोन के नए वेरिएंट से कोरोना की रफ्तार बढ़ सकती है। यानी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल सकता है। हालांकि वैक्सीन से मिलने वाली इम्युनिटी BA4 और BA5 से रक्षा करने में कारगर है।
कितना खतरनाक हैं BA.4 और BA.5
ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BA.2 की तरह ये भी सब वेरिएंट हैं। WHO का कहना है कि यह ज्यादा गंभीर तो नहीं हैं। लेकिन यह बहुत तेजी से किसी भी आबादी को अपनी चपेट में लेता है। WHO का मानना है कि जिन देशों में BA.4 और BA.5 ने दस्तक दे दी है। वहां तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों में उछाल आ सकता है।
देश में BA.2 के 60 फीसदी और BA.2.38 के 33 फीसदी मामले हैं। वहीं 10 फीसदी से भी कम BA.4 और BA.5 के हैं। पुणे के बीजे मेडिकल कॉलेज के मुताबिक, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा BA.2 के मामले आ रहे हैं। उसके बाद BA.2.38 से संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं।