कोई एंप्लॉयी किसी दिन बीमार पड़ सकता है। बीमार पड़ने पर ऑफिस में छुट्टी के लिए फोन करना स्वाभाविक है। लेकिन, अगर कोई एंप्लॉयी हफ्ते के किसी खास दिन ही बीमार पड़ता है और फिर छुट्टी के लिए ऑफिस फोन करता है तो क्या होगा? ऐसा मामला इंग्लैंड में हुआ है। आइए इस दिलचस्प मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं। एक महिला हर सोमवार को बीमार पड़ जाती थी। फिर वह छुट्टी के लिए अपने एंप्लॉयर को फोन करती थी। एंप्लॉयर बार-बार बीमारी के नाम पर छुट्टी मांगने से नाराज हो गया। उसने महिला को नौकरी से निकाल दिया।
महिला सलून में हेयरड्रेसर थी
मेट्रो ने यह खबर दी है। Celine Thorley कार्डिफ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन में एक सलून में हेयरड्रेसर थीं। वह हर हफ्ते सोमवार को खुद को बीमार बताती थी। फिर, छुट्टी मांगती थीं। यह मामला अक्टूबर 2021 का है। तब उन्होंने हैलोवीन पार्टी की मेजबानी करने के बाद सोमवार को यह बताकर छुट्टी मांगी थीं कि उनकी तबियत ठीक नहीं है। उनके बॉस ने नाराज होकर उन्हें नौकरी से हटा दिया।
महिला ने 17 बार सोमवार-मंगलवार को छुट्टी ली थी
सलून के मालिक Christian Donnelley ने बताया कि उन्होंने 25 साल की अपनी एंप्लॉयी को इसलिए नौकरी से हटा दिया, क्योंकि उन्होंने ऑब्जर्व किया कि वह हर सोमवार को बीमार पड़ जाती है और छुट्टी मांगती है। Thorley इस सलून में 2018 से काम कर रही थीं। उनकी सैलरी सालाना 15.9 लाख रुपये थी। वह सोमवार और मंगलवार को कुल 17 बार काम पर नहीं आई थीं।
नौकरी से हटाने पर महिला कोर्ट चली गई
Thorely ने नौकरी से निकाले जाने के बाद ट्राइब्यूनल में Donnelley के खिलाफ शिकायत दर्ज कराईं। उन्होंने उन पर गलत वजह से नौकरी से निकालने का आरोप लगाया। ट्राइब्यूनल में इस बारे में Donnelley से सवाल किया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि Thorely ने सलून के दूसरे एंप्लॉयीज के मुकाबले बीमारी के नाम पर ज्यादा छुट्टी ली है। उनकी कुल छुट्टी सभी एंप्लॉयीज के बीमारी के नाम पर ली गई कुल छुट्टी से ज्यादा है।
आखिरी बार जब Thorely शुक्रवार को बीमार पड़ी थीं तब उनके बॉस ने उनसे कहा था कि अगले सोमवार को उन्हें काम में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। बॉस को पता था कि हफ्ते के अंत में Thorely के घर पर हैलोवीन पार्टी है। सोमवार को Thorely ने बॉस को मैसेज किया कि उनके पेट में दर्द है। इस वजह से वह आराम करना चाहती हैं। Donnelly को पहले से इसका अंदेशा था।
Thorely ने मैसेज में लिखा था, "हाय क्रिस मुझे पता है कि आप मुझ पर बहुत नाराज होंगे। लेकिन मैं काम पर नहीं आ सकती। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि मैं इतनी ज्यादा बीमार पड़ जाउंगी। कल सबकुछ बहुत गड़बड़ रहा। आज नींद खुलने पर मैंने खुद को बीमार पाया। मुझे लगा कि मैं थोड़ी देर बाद ठीक हो जाउंगी। लेकिन, मेरा पेट में बहुत दर्द है।"
कोर्ट ने महिला के पक्ष में सुनाया फैसला
Donelley ने नाराज होकर Thorely को नौकरी से हटा दिया। उन्होंने रिप्लाई मैसेज में लिखा, "तुम सलून नहीं आना। मैंने तुम्हें नौकरी से निकाल दिया है।" इसके बाद Thorely कोर्ट चली गईं। ट्राइब्यूनल ने कहा कि Thorely को नौकरी से निकालने का तरीका गलत था। उसने कहा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया था। उनकी तबियत खराब थी। उन्हें हेवी पीरियड्स हो रहा था। इसके अलावा उनके बॉस ने बीमार पड़ने की वजह से बार-बार छुट्टी लेने पर उन्हें किसी तरह की चेतावनी भी नहीं दी थी। ट्राइब्यूनल ने Donelley को 3.43 लाख रुपये का मुआवजा Thorely को चुकाने का आदेश दिया।