महंगाई को लेकर विपक्ष पर भड़के इमरान खान, बोले- 'आलू, टमाटर' की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए राजनीति में नहीं आया

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उनके कार्यकाल के शेष समय में एक महान राष्ट्र बनने जा रहा है, क्योंकि उनकी सरकार द्वारा घोषित रियायतों के नतीजे शीघ्र ही सामने आएंगे

अपडेटेड Mar 14, 2022 पर 2:12 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
US कांग्रेसमैन स्कॉट पेरी ने राष्ट्रपति बाइडेन से अपील की है कि वो मसूद खान को अमेरिका के राजदूत के रूप में स्वीकार न करें

पाकिस्‍तान में जनता महंगाई की मार से बेहाल है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर इमरान खान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। विपक्षी पार्टियों की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था जिस पर प्रधानमंत्री इमरान खान भड़क गए। इमरान खान ने रविवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि वह आलू और टमाटर की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए राजनीति में नहीं आए हैं।

इमरान खान ने उनके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए रविवार को कहा कि वह ‘आलू, टमाटर’ की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए राजनीति में नहीं आए। इमरान खान ने पंजाब प्रांत के हाफिजाबाद में एक राजनीतिक रैली में कहा कि देश उन तत्वों के विरूद्ध खड़ा होगा जो धनबल के माध्यम से सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उनके कार्यकाल के शेष समय में एक महान राष्ट्र बनने जा रहा है, क्योंकि उनकी सरकार द्वारा घोषित रियायतों के नतीजे शीघ्र ही सामने आएंगे। खान ने कहा कि वह देश के युवाओं की खातिर राजनीति में आए, क्योंकि ऐसा कर (राजनीति में आकर) उन्हें कोई निजी फायदा नहीं हुआ है क्योंकि उनके पास पहले से ही जीवन में वह सब कुछ है जिसका एक व्यक्ति सपना देखता है।


ये भी पढ़ें- Russia-Ukraine War: अमेरिकी अखबार का दावा- यूक्रेन से जारी युद्ध में रूस ने चीन से मांगी सैन्य मदद

सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख ने कहा कि मैं आलू और टमाटर के दाम जानने राजनीति में नहीं आया। मैं देश के युवाओं की खातिर राजनीति में आया हूं। उन्होंने कहा कि यदि हम महान राष्ट्र बनना चाहते हैं तो हमें सच का साथ देना होगा और यही वह बात है जिसकी मैं पिछले 25 सालों से सीख दे रहा हूं।

पाकिस्तान की सामान्य महंगाई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में मापी जाती है और यह 24 महीने के सर्वोच्च स्तर 13 प्रतिशत पर है और लगभग सभी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के अनुसार जनवरी, 2020 के बाद यह सर्वोच्च सीपीआई मुद्रास्फीति है, जब यह 14.6 फीसदी थी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।