India-Pakistan dispute: पाकिस्तान से सुरंग के जरिए जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने के नापाक मंसूबों पर पानी फेरने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी आतंकियों के घुसपैठ के मद्देनजर BSF ने भारतीय क्षेत्र में आतंकवादियों की मदद करने वाली सुरंगों को बंद करने के लिए अभियान शुरू किया है। एक वरिष्ठ BSF अधिकारी के अनुसार, सुरंगों की संभावना वाले सीमा के हिस्सों को क्लोज किया जा रहा है। BSF वैज्ञानिक तरीकों से सीमा पार सुरंगों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है।
BSF सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि उन्होंने अभी पहले फेज में जम्मू, सांबा और कठुआ इलाके में 33 किलोमीटर के एरिया में ऐसे ब्लैक स्पॉट की पहचान की है। इसी के जरिए पाकिस्तान सुरंग खोदकर आतंकी घुसपैठ कराने की कोशिश करता है। पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के 33 किलोमीटर के हिस्से में भूमिगत घुसपैठ की संभावना को खत्म करने के लिए 25 किलोमीटर के क्षेत्र में एंटी-टनलिंग खाइयां खोदी गई हैं।
6 महीने से जारी है अभियान
इस साल घुसपैठ की संभावना का सुझाव देने वाली खुफिया सूचनाओं के बाद यह तरीका तैयार किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सुरंगों की संभावना को खत्म करने के लिए काम शुरू हुए छह महीने से अधिक समय हो गया है।
एक अधिकारी ने कहा, "यह परियोजना जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले शुरू हुई थी। बीएसएफ ने सुरंगों के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की। जम्मू, सांबा और कठुआ के साथ सबसे महत्वपूर्ण 33 किलोमीटर के क्षेत्र को अंतिम रूप दिया।"
उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र में सुरंगों के पहले भी होने के कारण इस काम को प्राथमिकता दी गई। उन्नत मशीनरी और तकनीक से लैस बीएसएफ कर्मियों ने सुरंगों के लिए खाइयां खोदना शुरू कर दिया।" वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ये खाइयां लगभग 4 फीट चौड़ी और 10 फीट गहरी हैं।" आखिरी सुरंग का पता 2022 में चला था।
भारत पाकिस्तान के साथ 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। यह गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख तक फैली हुई है। इसके अलावा, पिछले साल भारत-पाकिस्तान सीमा से 257 ड्रोन की अब तक की सबसे अधिक बरामदगी और संदिग्ध घुसपैठ के प्रयासों के मद्देनजर बीएसएफ ने अवैध ड्रोन गतिविधि का मुकाबला करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं।
जम्मू फ्रंटियर के गहराई वाले क्षेत्रों पर मजबूत नियंत्रण बनाए रखने के लिए घुसपैठ विरोधी भूमिकाओं में अतिरिक्त बटालियनों को भी शामिल किया गया है। बीएसएफ के प्रवक्ता के अनुसार, बल सैनिकों की बेहतर प्रशासनिक आवाजाही के लिए सड़कें भी विकसित कर रहा है।