Patiala Parking Row: पंजाब के पटियाला में भारतीय सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके बेटे अंगद सिंह से बेरहमी से मारपीट के मामले में 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मारपीट का पूरा मामला सीसीटीवी में कैद हो गया था। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। 13-14 मार्च की रात को अधिकारी और उसके बेटे पर हमला करने के आरोप में इंस्पेक्टर और कांस्टेबल रैंक के इन 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पटियाला में यह पूरा विवाद पार्किंग को लेकर हुआ था। SSP डॉ. नानक सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि 13-14 मार्च की रात राजेंद्र अस्पताल के बाहर एक घटना हुई थी। इसमें सेना के कर्नल और उनके बेटे के साथ पुलिसकर्मियों की झड़प हुई। इस घटना का हमें बहुत दुख है। यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। ऐसी घटना पहले कभी नहीं घटी। इस मामले में FIR दर्ज की गई है। साथ ही मामले में कार्रवाई करते हुए 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।
SSP ने आगे कहा कि सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 45 दिन में जांच पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम सेना के अधिकारी के मामले में माफी मांगते हैं। हम सेना का पूरा सम्मान करते हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए एसएसपी नानक सिंह ने कहा, "हम सेना के अधिकारी से जुड़ी घटना के लिए माफी मांगते हैं और उनका पूरा सम्मान करते हैं। हम सेना के जवानों का बहुत सम्मान करते हैं।" उन्होंने कहा कि घटना के समय न तो कर्नल और न ही पुलिसकर्मी वर्दी में थे।
यह घटना सड़क किनारे एक ढाबे के बाहर हुई, CCTV में कैद हो गई। कर्नल की पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके पति पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके बेटे अंगद सिंह को पुलिस इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ढिल्लों, इंस्पेक्टर हैरी बोपाराय और इंस्पेक्टर रौनी सिंह और उनके लगभग 10 पुलिसकर्मियों ने डंडों, बेसबॉल के बैट और कुछ तेजधार हथियारों से बेरहमी से पीटा। इस दौरान उनके पति को कई चोटें आई हैं। उनका बायां हाथ टूट गया। जबकि बेटे अंगद सिंह के सिर पर गहरी चोट लगी है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कर्नल की पत्नी ने शिकायत में यह भी बताया था कि घटनास्थल की फुटेज में सब कुछ साफ है। घटना के बाद पति और बेटे का बयान बहुत देरी से दर्ज किया गया। बताया जाता है कि यह बहस तब शुरू हुई जब पुलिसकर्मियों ने दिल्ली में सेना मुख्यालय में वर्तमान में तैनात कर्नल से अपना वाहन हटाने के लिए कहा। जब अधिकारी ने उनकी भाषा पर आपत्ति जताई तो बहस बढ़ गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कर्नल बाथ पर कथित तौर पर लात-घूंसे बरसाए।