Rajasthan Gang-Rape Case: राजस्थान के भीलवाड़ा में महिला के साथ कथित गैंगरेप के मामले में नया मोड़ आ गया है। राजस्थान पुलिस ने रविवार 10 सितंबर को दावा किया कि भीलवाड़ा जिले में शनिवार (9 सितंबर) रात एक महिला के कथित अपहरण और गैंगरेप का मामला झूठा पाया गया। पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय महिला दो पुरुषों के साथ स्वेच्छा से संबंध बनाने गई थी। लेकिन उनके बीच विवाद तब हुआ जब उन्होंने उसे पूरी रात रुकने पर जोर दिया। पुलिस के अनुसार, महिला घर जाना चाहती थी, लेकिन दोनों व्यक्तियों ने उस पर रुकने का दबाव डाला। इसके बाद वह निर्वस्त्र अवस्था में ही उनके घर से बाहर आ गई और एक राहगीर से मदद मांगी।
राजस्थान पुलिस ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, "भीलवाड़ा के थाना गंगापुर में महिला के अपहरण एवं गैंगरेप का मामला। 9 सितंबर की रात आमली रोड निर्वस्त्र मिली महिला ने बताया कि उसका किडनैप एवं गैंगरेप हुआ है। जांच में सामने आया कि महिला आरोपियों के साथ अपनी मर्जी से गई थी और पति के डर से अपहरण की मनगढ़ंत कहानी बनाई।"
पोस्ट में आगे लिखा गया, "पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मौके पर FSL भी बुलाई गई। पीड़िता के मोबाइल में आरोपियों से फोन पर हुई वॉइस रिकॉर्डिंग भी मिली। इसमें जबरन शारीरिक संबंधी बनाने के आरोप ने दो को गिरफ्तार किया गया है।"
पुलिस के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि महिला ने शुरू में मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि दो लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। फिर उसे एक सुनसान घर में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया, उसकी पिटाई की और उसके कपड़े ले लिए।
अधिकारी ने कहा कि महिला को डर था कि अगर उसके पति को इस बारे में पता चला तो वह उसे छोड़ देगा। इसलिए उसने मनगढ़ंत बात बताई। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मोबाइल फोन में कॉल रिकॉडिंग से यह भी पता चला कि महिला ने शनिवार शाम को आरोपियों से बात की थी और पैसे लेकर उनके साथ जाने को तैयार हो गई थी।
उन्होंने बताया कि महिला शनिवार रात छोटू सरगरा और गिरधारी से मिली। फिर दोनों ने उसके साथ एक खाली मकान में सहमति से संबंध बनाए। पुलिस के अनुसार ओडिशा की रहने वाली महिला की शादी छह साल पहले एक बिचौलिए के माध्यम से भीलवाड़ा के एक 50 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति से हुई थी।