22 जनवरी को ही मां बनना चाहती हूं... राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन को कुछ इस तरह यादगार बनाना चाहती हैं महिलाएं

Ram Mandir Inauguration: मेडिकल कॉलेज की आचार्य डॉक्टर सीमा द्विवेदी ने बताती हैं, जिन गर्भवती महिलाओं की डेट जनवरी महीने में है, यानि 22 जनवरी के आसपास है, तो ऐसी कई महिलाएं हमारे पास आई हैं। डॉक्टर ने आगे बताया, "महिलाओं का कहना है कि उनकी डिलीवरी 22 जनवरी को की जाए। अब तक लगभग 15 महिलाएं आग्रह कर चुकी हैं

अपडेटेड Jan 04, 2024 पर 9:39 PM
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Ram Mandir Inaugration: 22 जनवरी को ही मां बनना चाहती हूं... राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन को कुछ इस तरह यादगार बनाना चाहती हैं महिलाएं

Ram Mandir Inauguration: 22 जनवरी 2024... जल्द ही एक एतिहासिक तारीख बनने जा रही है और इसके पीछे कारण है, अयोध्य (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर (Ram Mandir) का उद्घाटन। धर्मनगरी से लेकर देशभर में इस दिन को एक पर्व की तरह मनाने की तैयारी जोरों पर है। हर कोई इस दिन अपने-अपने तरीके से एक यादगार लम्हें की तरह संजोगर रखना चाहता है। लेकिन इस बीच कई ऐसी चौंकाने वाली खबरें भी आई हैं, जब गर्भवती महिलाएं (Pregnant Ladies) खास इसी दिन पर अपने बच्चे की डिलीवरी (Baby Delivery) कराना चाहती हैं।

जी हां.. ये सच है। दरअसल कानपुर में जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जनवरी महीने में होनी है, वह डॉक्टर के पास पहुंचकर अपनी डिलीवरी 22 जनवरी कराने की गुजारिश कर रही हैं। इन महिलाओं की इच्‍छा है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनकी आने वाली संतानों के लिए भी जीवन भर यादगार बने।

ये मामला कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल से सामने आया है। कई गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंच रही हैं और डॉक्टरों से ठीक 22 जनवरी को ही अपने बच्चे की डिलीवरी करने की गुजारिश कर रही हैं।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज की आचार्य डॉक्टर सीमा द्विवेदी ने बताती हैं, जिन गर्भवती महिलाओं की डेट जनवरी महीने में है, यानि 22 जनवरी के आसपास है, तो ऐसी कई महिलाएं हमारे पास आई हैं।

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डॉक्टर ने आगे बताया, "महिलाओं का कहना है कि उनकी डिलीवरी 22 जनवरी को की जाए। अब तक लगभग 15 महिलाएं आग्रह कर चुकी हैं।"

बड़ी बात ये है कि ऐसे मामले न सिर्फ कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि शहर के कई अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों से भी सामने आ रहे हैं।

असल में 22 जनवरी को भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सबसे अच्छे मुहूर्त में हो रही है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं इस दिन डिलीवरी कराना चाहती हैं।

डॉ. सीमा द्विवेदी कहती हैं कि बच्चों के जन्म में समय और मुहूर्त भी बहुत अहम होता है। मान्यता है कि बच्चे के जन्म के समय से ही उसके जीवन की दशा और दिशा तय हो जाती है। इसलिए शुभ मुहूर्त हमेशा बच्चों के कल्याण के लिए अच्छे होते हैं।

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