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Ratha Saptami 2024: कब मनाया जाएगा रथ सप्तमी? जानें डेट, टाइम, पूजा अनुष्ठान और महत्व सहित सबकुछ

Ratha Saptami 2024: रथ सप्तमी को भक्तों द्वारा उत्तरी गोलार्ध की ओर सूर्य की यात्रा की शुरुआत और वसंत के आगमन के रूप में मनाया जाता है। भगवान सूर्यदेव को अनुष्ठान और प्रार्थनाएं अर्पित की जाती हैं। यह त्योहार देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा से भी जुड़ा है। यह दिन पूरी तरह से भगवान सूर्य की पूजा के लिए समर्पित है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उनका जन्म रथ सप्तमी के शुभ दिन पर हुआ था ताकि लोग पूजा कर सकें

Akhileshअपडेटेड Feb 16, 2024 पर 8:42 AM
Ratha Saptami 2024: कब मनाया जाएगा रथ सप्तमी? जानें डेट, टाइम, पूजा अनुष्ठान और महत्व सहित सबकुछ
Ratha Saptami 2024: इस साल रथ सप्तमी 16 फरवरी 2024 को मनाई जाएगी

Ratha Saptami 2024: माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी के नाम से जाना जाता है। इसे आरोग्य सप्तमी भी कहा जाता है। इस दिन को कश्यप ऋषि और अदिति के संयोग से भगवान सूर्य का जन्म हुआ था। ऐसे में इस दिन को सूर्य की जन्मतिथि भी कहा जाता है। इस दिन पूजा और उपवास से आरोग्य और संतान की प्राप्ति होती है। इसलिए इसको आरोग्य सप्तमी और और पुत्र सप्तमी भी कहा जाता है। इसी दिन से सूर्य के सातों घोड़े उनके रथ को वहन करना शुरू करते हैं। इसलिए इसे रथ सप्तमी भी कहते हैं। देश भर में आज 16 फरवरी को रथ सप्तमी मनाई जा रही है।

ऐसी मान्यता है कि सूर्य देव 7 घोड़ों के रथ पर सवार होकर इसी दिन प्रकट हुए थे। इसलिए इसे रथ सप्तमी कहा जाता है। जीवन में सुख-शांति, समृद्धि, मान-सम्मान और संतान की चाह रखने वाले लोग इस दिन व्रत रखकर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। साथ ही विधिवत उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रंथों के मुताबिक इस दिन किए गए स्नान-दान और सूर्य पूजा कई गुना पुण्य मिलता है। इस दिन सूर्य पूजा करने से बीमारियां दूर होने लगती हैं और सेहत में सुधार होता है।

रथ सप्तमी का क्या महत्व है? (What is the significance of Ratha Saptami?)

पुराणों में कहा गया है कि इस दिन पहली बार सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पहुंची थी, जो ऊर्जा और जीवन के एक नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक है। हिंदू धर्म में ऐसा माना जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त के शुभ समय में पवित्र स्नान करने और भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से पापों और गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है। माना जाता है कि रथ सप्तमी पर, भगवान सूर्य अवतरित हुए थे और अपने सुनहरे रथ पर सवार हुए थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य आराधना करने से भक्तों की आयु बढ़ती है। साथ ही धन और बुद्धि में वृद्धि होती है। इसके अलावा परिवार की सुख और समृद्धि भी बढ़ती है।

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