Red Spinach: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को बीमारियों से दूर रख पाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। खराब लाइफस्टाइल के चलते आज कल लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे ही देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अब आज कल युवा भी चपेट में आ चुके हैं। डायबिटीज की मरीजों में ब्लड शुगर का लेवल बहुत बढ़ जाता है। इसका सीधा संबंध खाने-पीने से है। जैसे ही हम कुछ गलत चीजें खाते हैं खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। अगर आप भी डायबिटीज से पीड़ित हैं तो अपनी डाइट में लाल पालक को जरूर शामिल करें।
डायबिटीज के मरीजों को नियमित तौर पर ब्लड में शुगर लेवल की जांच करनी पड़ती है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि डायबिटीज के मरीज अपने दिनचर्या में बदलाव करें। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की ओर से इन मरीजों को डाइट में ग्लाइसेमिक फूड्स खाने की सलाह दी जाती है। इसकी वजह ये है कि ऐसे फूड्स ग्लूकोज के स्तर में अचानक इजाफा नहीं करते हैं। इसके साथ ही वजन घटाने में भी मदद करते हैं। बाजार में साधारण सी बिकने वाली लाल पत्ते की पालक डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण की तरह काम करती है।
बाजार में साधारण की दिखने वाली लाल पत्ते की पालक को ऐमारैंथ भी कहा जाता है। यह गर्मियों में ही आने वाली सब्जी होती है। यह नॉर्मल पालक की तरह ही पकाकर खाई जाती है। यह शुगर को कंट्रोल करने में बहुत असरदार होती है। पोषक तत्वों से भरपूर लाल पालक की सब्जी एंटी-ऑक्सिडेंट का अच्छा स्रोत है। इसमें एंथोसायनिन होने से यह अलग रंग की होती है। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो कई बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। लाल पालक में कम कैलोरी और हाई फिबर पाया जाता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। यह ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता है। इसका सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होने लगता है।
जानकारों का कहना है कि वैसे तो लाल पालक को किसी भी रूप में ले सकते हैं। लेकिन पूरी तरह से पकने से पहले थोड़ा कच्चा ही उतार लें तो ज्यादा अच्छा रहता है। इसको अधपका खाने से सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद माना गया है। अगर आप चाहें तो इसे सलाद के रूप में भी ले सकते हैं। हालांकि कुछ लोग लाल पालक के पत्तों की स्मूदी बनाकर भी पीते हैं।