कश्मीर की 34 साल की महिला फूड एंत्रप्रेन्योर इस क्षेत्र से मास्टर शेफ इंडिया में आने वाली पहली शख्स हैं। ये कुकिंग रिएलिटी शो SonyLIV पर ब्रोडकास्ट किया जाता है। दक्षिण कश्मीर के पंपोर से देश का 90 प्रतिशत केसर आता है। इसी खास केसरिया बागान में रहने वाली रुखसार सईद को खाना बनाने के आर्ट और क्राफ्ट में गहरा इंटरेस्ट है। अपने इसी पैशन के दम पर वो मास्टरशेप के टॉप 12 कंटेस्टेंट्स में जगह बना पाईं।
मुंबई में शो की शूटिंग के वक्त पर रुखसार सईद कहती हैं कि लोगों की रुढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ मैं आखिरकार मास्टरशेफ में पहुंच ही गई। जब मैं एक टीनएजर थी उस दौरान मुझे खाने से जुड़ी पढ़ाई करना बेहद अच्छा लगने लगा। मेरे परिवार ने ऐसे में मेरा बहुत साथ दिया। श्रीनगर के हैदरपोरा में पली बड़ीं सईद ने 2010 में मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया देखा जहां से फूड बनाने के टेक्नोलॉजी में उनका इंटरेस्ट बढ़ता ही गया। कहती हैं कि खुद को मास्टरशेफ इंडिया के टॉप 12 में देखकर मैं आसमान की उंचाइयों पर हूं। आज खुद को यहां देखकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। मैं साथ ही अपने पति और ससुराल की ओर से मिले सहयोग से काफी खुश हूं।
दो बच्चों को कर रही हैं मिस
रुखसार सईद खुद को हार्डकोर फूडी बुलाती हैं। उनके दो बच्चे हैं और साथ ही उनके पति साकिद जावेद कादरी पेशे से असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड फूड टेक्नोलॉजी अवंतीपोरा से बी टेक पूरी करने के बाद सईद ने Amity University से फूड टेक्नोलॉजी में M.tech पूरी की। 2020 में उन्होंने फूड टेक्नोलॉजी में ही अपनी पीएचडी की। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से इस खास कंपीटिशन में सिलेक्ट होकर ना केवल सईद ने सारे प्रदेशवासियों को गौरवांवित किया है बल्कि कश्मीरी जायके के प्रति अपने प्यार से मास्टरशेफ के जजेस का भी दिल जीता है।
सईद शो को लेकर कहती हैं कि किचन और कंटेस्टेंट्स के साथ अभी तक उनका सफर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। मैंने अभी तक कुछ ऐसी डिशेज तैयार कीं जिससे शो पर जजेस काफी इंप्रेस हुए। मैं इस शो को जीतने को लेकर काफी ज्यादा कॉन्फिडेंट हूं। पहली बार कश्मीरी खाने को इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर दिखाया जा रहा है। मैं कश्मीरी खाने के साथ कुछ नया इनोवेट करने का प्रयास कर रही हूं। जैसे कि मैंने रोगन जोश बनाया था जो देखने में तो रोगन जोश जैसा नहीं था लेकिन उसका स्वाद रोगन जोश जैसा था।
खाने में है कश्मीरी जायका
अभी तक के 11 एपिसोड्स में सईद ने बाबरी बाउल फालूदा (रमदान के समय पर परोसी जाने वाली डिश), कश्मीरी धनीवाल कोरमा और कश्मीरी दोघे आले बनाकर विकास खन्ना, रणवीर बरार और पूजा ढींगरा को इंप्रेस किया। रुखसार के पिता एम सईद शाह अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर कहते हैं कि पूरे परिवार का सपना सच हो गया। मास्टरशेफ इंडिया तक पहुंचना एक सम्मान की बात है। अपनी खुशी जाहिर करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। मैं अपनी बेटी को आने वाले भविष्य के लिए ढेर सारी बधाई देता हूं। रुखसार की मां नसीमा किरमानी ने भी अपनी बेटी को बधाई दी। साथ ही शो के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं भेजीं।
अपने खास इनोवेशन के लिए हैं फेमस
मास्टरशेफ इंडिया पर आने से पहले 2019 में रुखसार घाटी की पहली महिला थीं जिन्होंने फ्रोजन फूड वेंचर शुरू किया। इस खास वेंचर का नाम उन्होंने खालिस फूड रखा। कहती हैं कि अपनी पीएचडी पूरी करने के बाद मैं कोई नॉर्मल जॉब नहीं करना चाहती थी। मैंने एक ऐसा स्टार्ट अप शुरू किया जहां लोगों को अनएडल्टरेटेड स्नैक्स दिए जाते थे। ये हेल्दी फूड्स बच्चों के लिए भी बहुत अच्छे होते हैं। एक मां होते हुए शो पर आना एक आसान फैसला नहीं था। दो बच्चों को घर पर छोड़कर मुंबई आना काफी बड़ा बलिदान है। मुझे उन दोनों की बहुत याद आती है साथ ही मैं पूरी तरह से शो को जीतने को लेकर कॉन्फिडेंट हूं।
कलिनरी स्कूल खोलने का है सपना
मास्टरशेफ में सिलेक्ट होने से पहले सईद ने स्टेट लेवल कलिनरी कंपीटिशन में हिस्सा लिया था और वहां पर दूसरा स्थान हासिल किया था। शेरी कश्मीर इंटरनशनल कनवेंशन सेंटर श्रीनगर में रुखसार ने लोगों को होममेड स्नैक्स भी प्रेजेंट किए। इसी साल जून में 12 कंटेस्टेंट्स में शामिल करने के लिए रुखसार को काफी सख्त ऑडिशन प्रोसेस से होकर गुजरना पड़ा। मास्टरशेफ इंडिया को जीतने से उनके वैली में कलिनरी स्कूल ओपन करने और हेल्दी फूड की एक रेस्टोरेंट चेन शुरू करने का सपना पूरा होगा।
रुखसार ने आगे बताया कि उम्मीद है कि शो की वजह से मैं लाइमलाइट में आऊंगी और इससे श्रीनगर में मुझे फूड बिजनेस वेंचर शुरू करने में मदद मिलेगी। मैं लोगों को हेल्दी खाना खिलाने के लिए घाटी में रेस्टोरेंट की चेन शुरू करना चाहती हूं। एक फूड टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में मैं टेस्ट एनहैंसर के रूप में यूज किए जा रहे प्रीजर्वेटिव्स के खिलाफ हूं। फूड कलर्स का डेली फूड आइटम्स में इस्तेमाल से हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में मैं शुद्ध और सुरक्षित खाने की पहल करना चाहती हूं।
मां के हाथ का खान है पसंद
रुखसार का पसंदीदा खाना हाख और वाजवान है। कहती हैं कि वैसे तो कश्मीरी खाने में बनने वाली हर डिश मेरी फेवरेट है लेकिन मेरी मां के हाथ से बना हाख और वाजा द्वारा बनाया गया वाजवान मुझे बेहद पसंद है। सईद चाहती हैं कि ज्यादा से ज्यादा कश्मीरी लड़के और लड़कियां अब मास्टरशेफ इंडिया में हिस्सा लें।