इजराइल और आतंकवादी समूह हमास के बीच युद्ध तेज होने के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को इस स्थिति को "बहुत जटिल" बताया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहने के भारत के रुख को दृढ़ता से सही भी ठहराया। इस प्रस्ताव में दोनों पक्षों के बीच तत्काल मानवीय संघर्ष विराम देने की अपील की गई थी। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद पर भारत का रुख पूरी तरह से साफ है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया था क्योंकि इसमें हमास का कोई जिक्र नहीं था। भारत ने इस बात पर जोर दिया था कि आतंकवाद एक "दुर्भावना" है और दुनिया को आतंकवाद का विरोध करना चाहिए।
जयशंकर ने इजराइल के हमलों को बताया आतंकवाद
दिल्ली में हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में बोलते हुए, जयशंकर ने 7 अक्टूबर को हमास की तरफ से इजरायली शहरों पर किए गए हमलों को "आतंकवाद" बताया, लेकिन साथ ही फिलिस्तीन मुद्दे के बातचीत के जरिए दो-राज्य समाधान के लिए भारत के लंबे समय से समर्थन पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि आखिर में मैं बस यही कहना चाहूंगा कि यह स्थिति काफी जटिल और गंभीर है। इस बारे में अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता है।
कया भारत-मिडिल ईस्ट और यूरोप कॉरिडोर पर पड़ेगा असर
यह पूछे जाने पर कि क्या इस युद्ध से मौजूदा स्थिति I2U2 समूह के तहत भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) पहल पर कोई असर पड़ेगा? उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगा। यहां यह जरूर है कि इसमें कुछ गंभीर समस्याएं हैं और हम इसे देख भी रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि अगर आपके पास एक बड़ी योजना है तो आप उसमें तुरंत ही बदलाव भी कर सकते हैं। मुझे लगता है कि आप अपना मास्टर प्लान जारी रखते हैं। यूनाइटेड नेशन में मतदान से दूर रहने पर उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ हैं।