Sea and Ocean: पृथ्वी पर करीब 71 फीसदी हिस्से में पानी और बाकी तकरीबन 29- फीसदी हिस्से पर भूमि मौजूद है। धरती पर मौजूद ये जल निकाय (Water Body) कई विशेषताओं वाले विभिन्न आकारों और स्थानों में मौजूद हैं। जल निकाय पृथ्वी के लिए बेहद जरूरी है। जल निकाय भी विभिन्न तरीकों से मनुष्यों के दिन-प्रतिदिन के अस्तित्व में अपनी अहम भूमिका निभाता है। समुद्र, नदियों के पानी में कई ऐसे खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो इंसान के लिए बहुत जरूरी है। आमतौर पर हम किसी बड़ी Water Body को देखते हैं, तो हम अक्सर उसे Sea या फिर Ocean बोल देते हैं।
यह दोनों शब्दों का इस्तेमाल अक्सर एक दूसरे के स्थान पर किया जाता है। लेकिन, वास्तव में दोनों ही शब्दों का अर्थ अलग-अलग है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कोरा पर इस तरह के कई सवाल पूछे जाते हैं।
Sea को हिंदी में सागर कहते हैं। यह एक खारे पानी की Water Body होती है। वहीं, यह किसी महाद्वीप या फिर किसी जमीन के हिस्से के साथ होता है। इसके साथ ही यह महासागर के मुकाबले काफी छोटे होते हैं। लेकिन यह महासागर से जुड़े होते हैं। नदियां सागर में ही जाकर मिलती हैं। सागर महासागर के मुकाबले कम गहरे होते हैं। ये एक ऐसी जगह है। जहां इंसानों के लिए भोजन मौजूद होता है। जैसे मछली, समुद्री शैवाल आदि। दुनिया में कई सागर है। जैसे भूमध्य सागर, अरब सागर, लाल सागर, कैरेबियन सागर, मृत सागर आदि।
जानिए किसे कहते हैं महासागर
Ocean को हिंदी में महासागर कहते हैं। यह भी खारे पानी की Water Body होती है। यह किसी महाद्वीप या जमीन के हिस्से से नहीं जुड़ा होता। बल्कि पानी से घिरा होता है। धरती पर पानी के रूप में मौजूद एक तिहाई महासागर ही है। सागर के मुकाबले महासागर बड़े होते हैं। धरती पर कुल पांच महासागर हैं, जो कि प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक महासागर, अटलांटिक महासागर और अटांर्कटिक महासागर है। यह पांचों महासागर अपने विशालकाय रूप के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही इनकी अपनी एक जैव विविधता भी है। जिसमें विभिन्न जीव-जंतुओं की अपनी एक दुनिया है। सागर हमेशा जमीन के किसी न किसी हिस्से से जुड़े होते हैं।
महासागर की गहराई नाप पाना मुश्किल
महासागर इतने गहरे होते हैं कि उनकी गहराई नाप पाना मुश्किल होता है। लिहाजा आप देखते होंगे कि सब जगह लिखा जाता है समुद्र तल से ऊंचाई। वैज्ञानिकों ने अब तक दुनिया के सबसे गहरे माने जाने वाले प्रशांत महासागर की गहराई नापने की कोशिश की है। सिर्फ एक जगह तक पहुंच पाए, जिसे मारिआना ट्रेंच कहा जाता है। यहां प्रशांत महासागर की गहराई करीब 36,200 फीट मापी गई। इसके बावजूद वैज्ञानिक मानते हैं कि यह प्रशांत महासागर की अधिकतम गहराई नहीं है। महासागरों की अनुमानित गहराई करीब 3800 मीटर तक मानी गई है। महासागर कभी भी जमीन के साथ नहीं जुड़े होते हैं।