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स्वतंत्रता दिवस पर Shaadi.com की पहल, 10,000 महिलाओं को मिलेगी स्किल ट्रेनिंग की सौगात

Shaadi.com की सोशल इनिशिएटिव इकाई Shaadi.org ने अगले 5 साल में 10,000 महिलाओं को नया कौशल सिखाने के लिए पहल की है। इसके लिए Shaadi.org ने उदयन केयर नामक एनजीओ के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत, Shaadi.org एनजीओ के उदयन शालिनी फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 14, 2023 पर 9:00 PM
स्वतंत्रता दिवस पर Shaadi.com की पहल, 10,000 महिलाओं को मिलेगी स्किल ट्रेनिंग की सौगात
उदयन शालिनी फेलोशिप प्रोग्राम एक लीडरशिप प्रोग्राम है, जिसका मकसद युवा महिलाओं को बेहतर कौशल से लैस करना है।

मैचमैकिंग प्लैटफॉर्म Shaadi.com की सोशल इनिशिएटिव इकाई Shaadi.org ने अगले 5 साल में 10,000 महिलाओं को नया कौशल सिखाने के लिए पहल की है। इसके लिए Shaadi.org ने उदयन केयर (Udayan Care) नामक एनजीओ के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत, Shaadi.org एनजीओ के उदयन शालिनी फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की यात्रा को सुगम बनाएगी।

Shaadi.com के बयान के मुताबिक, इस पहल के साथ ही कंपनी जीवन के सभी क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकसित करने का मौका दे रही है, जिससे उन्हें अलग-अलग तरह के काम करने में सहूलियत होगी। कंपनी के मुताबिक, इस पहल से महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा और उन्हें विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा और वे देश के विकास में बेहतर तरीके से अपना योगदान कर सकेंगी।

उदयन केयर की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अंजलि हेगड़े ने बताया, 'Shaadi.com ने एक फिल्म बनाई है, जिसेमं दिखाया है कि आजादी के 76 साल के बाद भी 76 पर्सेंट महिलाएं 'दूसरों पर निर्भर' होकर जी रही हैं। यह फिल्म हमारे अभियान के बारे में काफी कुछ बताती है। उदयन शालिनी फेलोशिप प्रोग्राम के जरिये हम महिलाओं के वर्कफोर्स के दायरे में लाने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, हम उन्हें जीवन के सभी अहम मौकों के लिहाज से मजबूत और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना चाहते हैं, ताकि वे सम्मान और एक बेहतर उद्देश्य के साथ जीवन जी सकें।'

उदयन शालिनी फेलोशिप प्रोग्राम एक लीडरशिप प्रोग्राम है, जिसका मकसद युवाओं महिलाओं को बेहतर कौशल से लैस करना है। इस प्रोग्राम को 2002 में लॉन्च किया गया था और देश के 13 राज्यों में मौजूद 34 सिटी चैप्टर्स में इसकी मौजूदगी है।

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