शादी.कॉम (Shaadi.com) के फाउंडर अनुपम मित्तल ने अपनी कंपनी का डोमेन खरीदने के लिए 1990 के दशक में 25,000 डॉलर (लगभग 20 लाख रुपये) का भुगतान किया था। मित्तल ने हाल ही में एक पॉडकास्ट शो के दौरान इसका खुलासा किया। उन्होंने यह भी बताया कि डोमेन खरीदते के समय उनके कंपनी के खाते में सिर्फ 30,000 डॉलर (लगभग 25,000 लाख रुपये) थे। लेकिन उनका मानना है था कि इस वेबसाइट डोमेने नेम से आने वाले दिनों में उन्हें बड़ा फायदा मिल सकता है, इसलिए उन्होंने इसे खरीदने का फैसला किया।
पॉडकास्ट फाइनेंस विद शरण में बात करते हुए मित्तल ने कहा, “हमारी एक कंपनी थी, जहां हम बाकी कंपनियों को आईटी सॉल्यूशंस मुहैया कराते थे। हमने वहीं पहले Sagaai.com शुरू किया, जो Shaadi.com के पहले की बात है। हमने अपनी कंपनी में लगभग 30,000 डॉलर की बचत की थी। हमें Shaadi.com डोमेन करीब 25,000 डॉलर में मिल रहा था। 25,000 या 30,000 डॉलर तब बहुत ज्यादा रकम होती थी, लेकिन मेरा मानना था कि एक ऐसा डोमेन नेम, जो सबकी जुबान पर आसानी से आ जाए और जो इस पूरी कैटेगरी को परिभाषित कर सके, अगर हमारे पास आ जाए, तो इससे हमारे लिए बिजनेस थोड़ा आसाना हो जाएगा। यही सोचकर हमने अपना सारा पैसा इस्तेमाल कर लिया।
किसी डेटिंग ऐप में निवेश के बारे में पूछे जाने पर, शार्क टैंक इंडिया के जज ने कहा कि भारत में डेटिंग ऐप इंडस्ट्री में कोई पैसा नहीं है और टिंडर और बम्बल जैसे प्लेटफॉर्म यहां ज्यादा ग्रोथ नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "उनका रेवेन्यू उतना बड़ा नहीं है और समस्या भारत में है, यह बहुत एकतरफा है। महिलाओं के पास चुनने के लिए हमेशा बहुत ज्यादा विकल्प है। इसलिए आप देखेंगे कि बहुत कम संख्या में पुरुष ही ये सारी मांग पूरी कर पाते हैं और इन वेबसाइटों पर आने वाले बाकी सभी लोगों को नहीं पता होता है कि उन्हें क्या करना या कहना है। वे बेहद अप्रिय बातें कहते हैं और महिलाएं भाग जाती हैं। तो आप खुद ही सोचें, इसमें पैसा नहीं कमाया जा सकता।''
अनुपम मित्तल ने इस पर भी ऐतराज जताया कि युवा पीढ़ी का झुकाव डेटिंग ऐप की ओर अधिक है। उन्होंने कहा कि ऐसी धारणा है कि युवा पीढ़ी डेटिंप ऐप को अधिक पसंद करते हैं। लेकिन इसके उलट Shaadi.com के अधिकतर यूजर्स मिलेनियल्स हैं। उन्होंने कहा, "मिलेनियल्स मैचमेकिंग वेबसाइट का इस्तेमाल नहीं करते हैं, यह धारणा बिल्कुल गलत है। हमारे अधिकतर यूजर्स मिलेनियल्स हैं।"