कपल्स के रिश्ते में सबसे जरूरी बात क्या है, ये पूछने पर दुनिया-जहान के जवाब मिल जाएंगे। लेकिन नींद का जिक्र शायद ही कोई करेगा। दिनभर घर-ऑफिस-बच्चे में बिजी होने के बाद रात में हर कोई सुकून की नींद चाहता है। वहीं कपल्स के बीच आमतौर पर शिकायत बढ़ गई है कि उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। कोई खर्राटे ज्यादा लेता है। कोई दूसरा लैपटॉप पर ठकठक शुरू कर देता है। इससे अगली सुबह कपल्स के बीच खटपट शुरू हो जाती है। ऐसे में इस झगड़े को टालने के लिए इन दिनों स्लीप डिवोर्स का चलन तेजी से बढ़ा है।
दरअसल, शादीशुदा कपल्स हर मुमकिन कोशिश करते हैं कि उनका रिश्ता जीवन भर चले। इसके लिए वह सब कुछ करते हैं जो वो कर सकते हैं। अपने रिश्ते में रोमांस और मिठास बनाए रखने के लिए कपल्स पुरानी परंपराओं को भी तोड़ रहे हैं। इन दिनों कपल्स अपने रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए एक खास तरह का तलाक ले रहे हैं। यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। इस खास तरह के डिवोर्स का नाम स्लीप डिवोर्स है।
जानिए स्लीप डिवोर्स क्या है
ऐसा माना जाता है और लंबे समय से होता भी आ रहा है कि कपल्स शादी के बाद एक साथ एक ही कमरे और एक बिस्तर पर सोते हैं। लेकिन जब कपल अलग-अलग कमरे, अलग बिस्तर, या अलग-अलग समय पर सोने लगते हैं तो उसे स्लीप डिवोर्स कहते हैं। स्लीप डिवॉर्स में, कपल शारीरिक रूप से एक-दूसरे से अलग होते हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं। स्लीप डिवोर्स में अलग-अलग सोने का मूल मकसद अच्छी नींद लेना होता है। यह एक पारंपरिक विचार से बिल्कुल उल्टा है, जहां कपल्स हमेशा एक साथ सोने को तरजीह देते थे। पेरिस में तमाम कपल्स स्लीप डिवोर्स के कॉन्सेप्ट को अपना रहे हैं। जो कपल्स यहां घूमने आ रहे हैं, वे भी होटल में अलग-अलग रूम लेना पसंद कर रहे हैं। सिर्फ पेरिस ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में कपल्स के अलग-अलग कमरे में सोने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
क्यों कपल्स अपना रहे हैं स्लीप डिवोर्स?
बेहतर नींद- सबसे बड़ा कारण है बेहतर नींद। कई बार एक पार्टनर खर्राटे लेता है, या फिर बहुत देर तक मोबाइल चलाता है, जिससे दूसरे पार्टनर की नींद खराब होती है। स्लीप डिवॉर्स से दोनों पार्टनर को अच्छी नींद आती है। जिससे वे दिन भर ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं।
कुछ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। जैसे कि स्लीप एपनिया, जिसके कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में, अलग-अलग सोना उनके लिए फायदेमंद होता है।
हर व्यक्ति को पर्सनल स्पेस की जरूरत होती है। स्लीप डिवॉर्स से कपल्स को पर्सनल स्पेस मिलता है। जिससे वे खुद को रिचार्ज कर सकते हैं।
कपल्स के सोने का अलग अलग शेड्यूल होना भी स्लीप डिवोर्स को बढ़ा रहा है। जैसे कि अगर एक पार्टनर जल्दी सोता है तो दूसरा देर रात में या फिर एक पार्टनर की नाइट शिफ्ट होने के कारण वह सुबह सोता है।