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छींक आते समय फौरन करें ये काम, अन्य लोग नहीं होंगे संक्रमित

Sneezing: छींक आना एक समान्य प्रक्रिया है। जो कि सभी के साथ होती है। लेकिन लगातार छींक आना सेहत के लिए हानिकारक है। लेकिन बार-बार छीं‍क आने से कई तरह की कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है। कुछ देर के लिए छींक पर कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह रोकना काफी मुश्किल होता है। छींक आने से इंफेक्शन का खतरा बना रहता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 01, 2023 पर 4:38 PM
छींक आते समय फौरन करें ये काम, अन्य लोग नहीं होंगे संक्रमित
छींक आते समय कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है

Sneezing: छींक आना एक सामान्य प्रक्रिया है। जब हमें जुकाम होता है या फिर धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से भी छींक आने की समस्या बढ़ जाती है। छींक आने के समस्या को स्टर्नटेशन भी कहा जाता है। आमतौर पर धूल, पराग, जानवरों की रूसी और इसी तरह के कणों के कारण छींक आती है। यह शरीर से बिना जरूरत के कीटाणुओं को बाहर निकालने का काम करता है। लेकिन जब सर्दी-जुकाम हो जाता है तो छींक बढ़ जाती है। ऐसे में मुंह पर हाथ रखकर छींकने के बाद इस बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी है कि हमारी वजह से किसी अन्य व्यक्ति को इंफेक्शन न फैले।

इसके लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ताकि अपने आसपास के लोगों को इन्फेक्शन से बचाया जा सके। बदलते मौसम में फ्लू होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती हैं। ऐसे में अगर आपको खांसी-जुकाम आदि हो तो उसे कोरोना समझने की गलती न करें। डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। छींक आते समय इन बातों को हमेशा ध्यान रखें।

रूमाल का करें इस्तेमाल

जब भी छींक आती है तो अक्सर इसका एहसास कुछ सेकंड पहले से ही होने लगता है। ऐसे में हमेशा अपने साथ रूमाल जरूर रखें। जिससे आपको जब भी छींक आए तो रूमाल हाथों के बीच रख सकें। इससे आपका संक्रमण आसपास के किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंचने का रिस्क काफी कम हो जाएगा। घर से बाहर निकलते समय रुमाल जरूर रखें। छींक आते समय फौरन लोगों से दूर हट जाएं। इससे वो संक्रमित होने से बच जाएंगे। अगर आप अपने आसपास किसी को खांसते या छींकते हुए पाएं तो तुरंत ही मास्क लगा लें। जिससे कि आप संक्रमण से बच जाएंगे।

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