The Vaccine War Review: लेखिका और समाजसेवी सुधा मूर्ति ने हाल ही में विवेक अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म द वैक्सीन वॉर की स्क्रीनिंग को अटेंड किया। फिल्म को भारत की पहली बायो-साइंस फिल्म बताया जा रहा है। इस फिल्म में इंडियन साइंटिस्ट्स की कोरोना के खिलाफ जंग दिखाई गई है। साथ ही देश और दुनिया के लिए सबसे सस्ती कीमत में तैयार किए गए वैक्सीन की जर्नी को बताया गया है। विवेक अग्निहोत्री ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में सुधा मूर्ति दिखाई दे रही हैं। उन्होंने फिल्म को दिल छू देने वाली बताया।
महिलाओं के लिए सफलता के मायने
सुधा मूर्ति कहती हैं कि हर सफल औरत के पीछे एक समझदार आदमी होता है। फिल्म में कोरोना वैक्सीन बनाने की इस जर्नी में महिला वैज्ञानिकों का भी रोल बताया गया है। कहती हैं कि मैं एक महिला की भूमिका को समझती हूं क्योंकि वो एक मां है, पत्नी हैं और करियर ओरिएंटेड पर्सन भी। अपनी फैमिली और काम के बीच बैलेंस बनाना बेहद मुश्किल है।
कैसे महिलाएं करती हैं करियर पर काम
सुधा मूर्ति ने बताया कि महिलाओं के लिए बच्चों के साथ करियर पर फोकस करना आसान नहीं रहता। उन्हें अच्छे फैमिली सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। मूर्ति ने बताया कि महामारी के दौरान फीमेल साइंटिस्ट्स ने काफी मेहनत के साथ काम किया। सुधा मूर्ति ने आगे बताया कि आम आदमी नहीं समझेगा कि कैसे Covaxin बनाई गई लेकिन इस फिल्म में सबकी मेहनत को सरलता से दिखाया गया है। ये वैज्ञानिकों का निस्वार्थ भाव से किया गया काम है। उन्होंने इस पीरियड का ज्यादातर समय वैक्सीन बनाने में लगाया ताकि हम एक लोकतांत्रिक देश में स्वस्थ और खुशी से जी सकें। सुधा मूर्ति ने भारतीयों के कई वर्षों तक गुलाम होने की भी बात कही और बताया कैसे भारत ने गुलामी में अपनी असली पहचान खो दी थी।
खूबसूरती कपड़ों और मेकअप में नहीं होती
'हमें खुद पर भरोसा रखना चाहिए, खूबसूरती कपड़ों और मेकअप में नहीं होती है। खूबसूरती बहादुरी और आत्मविश्वास में होती है। आपने यहां दिखा दिया कि असली दौलत हमारा आत्मविश्वास है। मेहनत करते रहिए और गर्व महसूस कीजिए कि आप भारतीय हैं।' बता दें कि द वैक्सीन वॉर में नाना पाटेकर, पल्लवी जोशी और अनुपम खेर नजर आएंगे ये फिल्म 28 सितंबर को रिलीज होने जा रही है।