बचपन में गुजर बसर के लिए बीड़ी बनाने को हुआ मजबूर, अब अमेरिका में जज बना यह भारतीय

Surendran K Pattel : सुरेंद्रन के पटेल का संघर्ष और फिर इस ऊंचाई पर पहुंचना एक कहानी के जैसा लगता है। हकीकत में, उनका जीवन कई लोगों के लिए प्रेरणा दे सकता है। इसी साल 1 जनवरी को 51 वर्षीय पटेल ने टेक्सास की फोर्ट बेंड काउंटी में स्थित 240वीं ज्यूडीशियल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में शपथ ली

अपडेटेड Jan 06, 2023 पर 11:45 AM
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Surendran K Pattel का जन्म केरल के कासरगोड में दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले परिवार में हुआ। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के दौरान वह लगातार काम करते रहे

Surendran K Pattel : दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले भारतीय परिवार के घर जन्म हुआ। फिर, परिवार के गुजर-बसर के लिए इस शख्स ने बीड़ी तक बनाने का काम किया। हाल में यह शख्स अमेरिका में जज बन गया। हम केरल में गरीबी में बचपन बिताने वाले सुरेंद्रन के पटेल की बात कर रहे हैं। उनका संघर्ष और फिर इस ऊंचाई पर पहुंचना एक कहानी के जैसा लगता है। हकीकत में, उनका जीवन कई लोगों के लिए प्रेरणा दे सकता है। द वीक मैगजीन के मुताबिक, इसी साल 1 जनवरी को 51 वर्षीय पटेल ने टेक्सास की फोर्ट बेंड काउंटी में स्थित 240वीं ज्यूडीशियल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (Judicial District Court) में शपथ ली।

दिहाड़ी मजदूर के यहां हुआ था जन्म

पटेल का जन्म केरल के कासरगोड में दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले परिवार में हुआ। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के दौरान वह लगातार काम करते रहे। किशोर उम्र में वह और उनकी बहन कमाई के लिए बीड़ी के रोल बनाया करते थे। गरीबी के चलते उन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई बंद करने का फैसला कर लिया था और फुल टाइम बीड़ी के रोल बनाने लगे थे।


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हालांकि, एक साल के ब्रेक के बाद उनका मन बदला और उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया।

क्यों परीक्षा देना हो गया था मुश्किल

सुरेंद्रन ने ईके नायानर मेमोरियल गवरमेंट कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन काम करना जारी रखा। लेकिन उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। उनकी अटेंडेंस कम रही और प्रोफेसरों ने उन्हें परीक्षा में बिठाने से इनकार कर दिया। हालांकि, उस समय उन्होंने वकील बनने की ठान ली थी और अपने शिक्षकों को एक मौका देने के लिए मना लिया।

पटेल ने द वीक से बातचीत में कहा, मैंने उन्हें बताया कि अगर मेरे नंबर अच्छे नहीं आए तो मैं पढ़ाई छोड़ दूंगा। लेकिन जब रिजल्ट आया तो मैं टॉपर बन चुका था। इस तरह, उन्होंने अगले साल मुझे खासी मदद की। मैं टॉपर के रूप में कॉलेज से ग्रेजुएट हुआ।

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होटल में नौकरी के साथ की एलएलबी

इसके बाद पटेल कालीकट गवरमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी करना चाहते थे, लेकिन फिर पैसे की समस्या सामने थी। पहले साल कुछ दोस्तों ने मदद की। उसके बाद उन्होंने एक होटल में हाउसकीपिंग का काम शुरू कर दिया। 1995 में उन्हें डिग्री मिली और उन्होंने प्रैक्टिस शुरू कर दी। एक दशक बाद वह सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर चुके थे।

कैसे शिफ्ट हुए अमेरिका

2007 में पत्नी की वजह से अमेरिका में शिफ्ट होने का मौका मिला। पत्नी नर्स थीं और उनकी जॉब अमेरिका में लग गई थी। अमेरिका पहुंचने के दो साल बाद पटेल ने पहले ही प्रयास में टेक्सास बार एक्जाम पास कर लिया था।

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