एयर इंडिया (Air India) आज 69 साल बाद संस्थापक टाटा ग्रुप (Tata Group) में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्र सरकार विमानन कंपनी एयर इंडिया को गुरुवार (आज) को टाटा ग्रुप को सौंप सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 69 साल पहले समूह से विमानन कंपनी लेने के बाद उसे अब फिर टाटा ग्रुप को सौंपा जा रहा है।
इस बीच, टाटा ग्रुप ने यात्रियों की सुविधा को लेकर एयर इंडिया में अपने पहले कदम का आगाज कर दिया है। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा के हवाले से अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि टाटा ग्रुप गुरुवार को मुंबई से संचालित होने वाली चार उड़ानों में उन्नत भोजन सेवा (enhanced meal service) शुरू करके एयर इंडिया में अपना पहला कदम उठाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार से एयर इंडिया की फ्लाइटें टाटा ग्रुप के बैनर तले उड़ान नहीं भरेंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गुरुवार से 4 उड़ानों- AI864 (मुंबई-दिल्ली), AI687 (मुंबई-दिल्ली), AI945 (मुंबई-अबू धाबी) और AI639 (मुंबई-बेंगलुरु) में "उन्नत भोजन सेवा" दी जाएगी। हालांकि, अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया गुरुवार के बाद संपन्न हो पाएगी।
केंद्र सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद 8 अक्टूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। यह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की सब्सिडियरी यूनिट है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के करीब हैं। एयर इंडिया को गुरुवार को टाटा ग्रुप को सौंप दिए जाने की संभावना है।
इस बीच दो एयरलाइन पायलट यूनियन, इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) और इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विक्रम देव दत्त को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसका कारण पायलटों की बकाया राशि पर कई कटौतियों और वसूली का अनुमान लगाया गया है।
इसके अलावा दो अन्य यूनियनों ने अपनी उड़ानों से ठीक पहले हवाई अड्डों पर चालक दल के सदस्यों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मापने के लिए कंपनी के 20 जनवरी के आदेश का विरोध किया है।
एयर इंडिया कर्मचारी एसोसिएशन (एआईईयू) और ऑल इंडिया केबिन क्रू एसोसिएशन (एआईसीसीए) ने सोमवार को दत्त को पत्र लिखकर इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यह अमानवीय होने के साथ डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के निर्धारित नियमों का उल्लंघन है।